मजीठिया पर श्रम मंत्रालय ने मीडिया हाउसों के पेंच कसे, जवाब-तलब

: केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने मजीठिया मामले पर मीडिया हाउस से सीधे मांगी एक्शन टेकन रिपोर्ट : मध्‍य प्रदेश के पत्रकार संगठन की शिकायत पर करवाई : जुलाई-10 से बकायों की वसूली की मांग की गयी थी :

रमेश चंद राय

वाराणसी : केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने मजीठिया वेज बोर्ड के दायरे में आने वाले मीडिया हाउस से मजीठिया वेज बोर्ड के अंतर्गत तय वेतन के आधार पर पी एफ की कटौती के मामले में एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है।

इस मामले में मध्यप्रदेश पत्रकार संगठन ने केंद्रीय श्रम मंत्रालय में शिकायत की थी। इस शिकायत में संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सुचेन्द्र मिश्रा ने मांग की थी कि 19 जून 2017 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश में मजीठिया वेज बोर्ड देने के निर्देश दिए गए थे। इस आधार पर संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष ने मजीठिया वेज बोर्ड द्वारा निर्धारित वेतन के आधार पर भविष्य निधि की कटौती करने और जुलाई 2010 से बकाया की वसूली करने की मांग की गई थी।

इस मामले को श्रम मंत्रालय ने अपनी कंप्लायंस विंग को सौंप दिया है और इस विंग ने सीधे मजीठिया वेज बोर्ड के दायरे में आने वाले मीडिया हाउसेस को नोटिस जारी कर उनसे इस मामले में एक्शन टेकन रिपोर्ट भेजने को कहा है। भविष्य निधि केंद्र सरकार के श्रम मंत्रालय के अंतर्गत आता है इसके चलते इस मामले में केंद्रीय श्रम मंत्रालय राज्य के श्रम विभागों पर निर्भर नहीं है। वही मजीठिया वेज बोर्ड के अंतर्गत वेतन दिलाने का मामला राज्य के श्रम विभागों के अंतर्गत आता है।

इस तरह से पहली बार मजीठिया मामलों में केंद्रीय श्रम मंत्रालय मीडिया हाउसेस से जवाब तलब करेगा। इसके चलते भविष्य निधि के मामले में करवाई की उम्मीद बंधी है।