आईएमए की क्रांतिकारी पहल, सूर्यकांत बने मानद प्रोफेसर

: डॉक्‍टरों की शीर्ष संस्‍था ने पहली बार चिकित्‍सकों के रिफ्रेशनरी-एजूकेशन पर किया सटीक हस्‍तक्षेप : केजीएमसी में रिस्‍पेरीटरी-पल्‍मनरी के हेड-प्रोफेसर हैं डॉ सूर्यकांत : प्रोफेसरों की खेप बना कर उसे प्रैक्टिसिंग डॉक्‍टर्स को नयी जानकारियों-चुनौतियों से लैस किया जाएगा :

कुमार सौवीर

लखनऊ : डॉक्‍टरों की शीर्ष संस्‍था आईएमए ने अपने दायित्‍वों में एक जबर्दस्‍त और क्रांतिकारी कदम उठाया है। इस के तहत चिकित्‍सा जगत में समर्पित शिक्षकों को अब आईएमए की ओर से प्रोफसर की उपाधि दी जाएगी, और उनका दायित्‍व होगा जन-स्‍वास्‍थ्‍य और चिकित्‍सा के क्षेत्र में सक्रिय डॉक्‍टरों के सामने आने वाली नयी-नयी चुनौतियों को लेकर जानकारियों से लैस करना। अपने इस नये चुनौतीपूर्ण कदम के तहत आईएमए ने मानद प्रोफेसर के तौर पर डॉक्‍टर सूर्यकांत को चुना है। सूर्यकांत किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में पल्मोनरी-रिस्‍पेरिटी विभाग के हेड और प्रोफेसर हैं।

डॉक्टर सूर्यकांत सूर्यकांत लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज यह पढ़े-लिखे हैं और उसके बाद इसी कॉलेज में पल्मोनरी डिपार्टमेंट के शिक्षक पद से होते हुए प्रोफैसर तक बन गए कई बरस पहले ही वह उन्हें यहां के पल्मनरी ऐंड रिस्‍पेरिटरी डिपार्टमेंट का हेड बनाया गया था।

प्रमुख न्‍यूज पोर्टल www.meribitiya.com संवाददाता से बातचीत में सूर्यकांत ने बताया कि बहुत खुश है कि आईएमए ने उन्हें उन्हें ऐसा मौका दिया जहां वे पीड़ित मरीजों को बेहतर तरीके से सेवा कर सकते हैं। डॉक्टर सूर्यकांत बताते हैं यह पहला मौका है जब आईएमए ने मानद प्रोफेसर की नयी उपाधि की शुरुआत की, और हर्ष का विषय है उसका पहला मानद प्रोफेसर का सम्मान मुझे मिला।  डॉसूर्यकांत खुद को मिले इस सम्मान से प्रसन्न और आनंदित हैं।

डॉ सूर्यकांत ने बताया कि आईएमए के अध्‍यक्ष केके जैन की परिकल्‍पना के तहत यह कार्यक्रम शुरू किया और यूपी में पहला मानद प्रोफेसर का सम्‍मान उन्‍हें मिला। वे बताते हैं कि देश के करीब तीन लाख डॉक्‍टरों की शीर्ष संस्‍था आईएमए अपने सदस्‍यों को चिकित्‍सा जगत में शोध एवं जानकारियों को लेकर उनमें जागरूकता फैलाने का अभियान छेड़ने को कृत-संकल्पित है। ताकि वह समाज में दूरदराज तक जन सेवा में जुड़े जुड़े और पीड़ित मरीजों की सेवा में समर्पित चिकित्सकों के बीच अपने अनुभव शेयर कर सकें।  अध्‍यक्ष केके जैन के इस फैसले के तहत आईएमए अपने विभिन्‍न क्षेत्र में महारत हासिल कर चुके मानद प्रोफेसरों की टीम तैयार करने की शुरुआत करेगा, ताकि चिकित्सकों के लिए आवश्यक सूचनाएं सुगमता के साथ पहुंचाई जा सके।