किरीट महराज की इज्‍जत लग्‍गी पर, धोखाधड़ी का आरोप

: भागवत बांचने वाले किरीट महाराज ने करोड़ों से बनाये टेंट-पंडाल का सामान दबाया, धोखाधड़ी के आरोप : महाराज ने तबाह-बर्बाद करने का आरोप, वृंदावन में यमुना नदी के किनारे आयोजित किया गया था प्रवचन समारोह :

कुमार सौवीर

लखनऊ : नाम है नत्‍था लाल फतानिया उर्फ किरीट। पता है ब्रिटेन की राजधानी लन्‍दन और लखनऊ में 2-556, विकास नगर। पद है तुलसी ग्रामोद्योग सेवा समिति लखनऊ का अध्‍यक्षीय। धंधा है प्रवचन देना और भागवत बांचना।

बाबा, संत, सन्यासी और प्रवचनकर्ताओं के दिन अब लगातार संकट में फंसते जा रहे हैं। आम आदमी को शांति, सुख और आदर्श जीवन सिखाने की कुशल कला अब ऐसे भविष्यवक्ताओं, भागवत प्रवचनकर्ता और बाबा-संन्यासियों पर भारी बढ़ती जा रही है। खास तौर पर आसाराम बापू, राम रहीम, चिन्मयानंद स्वामी और अब दाती महाराज के बाद कई बाबा-महाराज कानून के शिकंजे पर फंसते दिख रहे हैं।

ताजा मामला है नत्था लाल फतानिया का, जिन्हें सामान्य तौर पर किरीट महाराज के तौर पर जाना पहचाना और सम्मानित किया जाता है। किरीट महाराज लंदन वाले भागवत प्रवचनकर्ता पर एक व्यवसाई ने उन पर धोखाधड़ी के गंभीर लगा के आरोप लगा दिए। इस व्यवसाय का आरोप है कि किरीट महाराज के प्रवचन आयोजन स्थल को सजाने बजाने बनाने के लिए अपनी पूरी जीवन भर की कमाई लगा दी लेकिन जब उसका भुगतान का वक्त आया, तो किरीट महाराज मैं उसे बाबाजी का ठुल्लू पकड़ा दिया। किरीट महराज द्वारा मथुरा के वृंदावन कथा के लिए विशाल पाण्‍डाल तैयार करने वाले उस व्यवसाई की हालत ठनठन गोपाल के तौर पर महसूस कर सकते हैं। इस कथा के आयोजन के लिए अपनी पूरी ताकत लगा चुका यह वयोवृद्ध टेंट-पांडाल व्‍यवसायी अब्‍दुल वैश उर्फ जनार्दन किरीट महराज के चक्‍कर में अपना सबकुछ तबाह-बर्बाद कर चुका है।

जानकीपुरम में रहते हैं अब्दुल वैश उर्फ जनार्दन। उनका शुमार यूपी और आसपास के प्रदेशों में सक्रिय बड़े टेंट-पांडाल व्‍यवसाइयों में हुआ करता था। जनार्दन ने ही सन-16 के नवंबर को किरीट महाराज के भागवत प्रवचन समारोह स्थल को बनाया और सजाया था। लेकिन इस आयोजन के बाद से ही जनार्दन तबाह हो गये। वैश के वकील शाहिद जमाल सिद्दीकी ने अब किरीट महाराज समेत करीब 7 लोगों पर तकरीबन 22 लाख रुपयों का पैसा दबा देने का आरोप लगाया है।

जनार्दन की ओर से वकील शाहिद कमाल सिद्दीकी ने जो नोटिस जारी की है उसमें प्रतिवादियों के तौर पर पहले नंबर पर किरीट नत्‍था लाल फतानिया का नाम दर्ज है। दूसरे लोगों में तुलसी समिति के प्रदीप अग्रवाल, दीपक महेंद्रा, रोहित, उमेश के साथ ही साथ तुलसी समिति और लक्ष्मी फाउंडेशन के अध्यक्षों को भी प्रतिवादी बनाया गया है। इस दोनों समितियों के अध्यक्ष किरीट महाराज हैं, जो भागवत कथावाचक नत्‍था लाल फथानिया भी दर्ज है।

आरोपों के मुताबिक किरीट महाराज और जनार्दन के बीच एक कॉन्ट्रैक्ट साइन किया गया था जिसके तहत दो विभिन्न तारीखों से वृंदावन मथुरा में भागवत प्रवचनकर्ता किरीट महाराज करने वाले थे। इस पूरे समारोह के आयोजन का जिम्मा जनार्दन उर्फ अब्‍दुल वैश ने लिया था। लेकिन किरीट महाराज ने उस पूरे साढ़े 62 लाख की रकम में से करीब साढ़े 22 रुपयों का भुगतान नहीं किया। इतना ही नहीं, जनार्दन के आरोपों के अनुसार इस पूरे आयोजन के दौरान किरीट महाराज और उपरोक्त प्रतिभागियों ने जनार्दन को बुरी तरह प्रताड़ित किया, मारा-पीटा और बंधक भी बनाया। इस पूरे दौरान उसका करीब पौने तीन करोड़ रुपयों का सामान भी जप्त कर लिया। जो अब तक लापता है।

अब्‍दुल वैश की ओर से वकील की इस नालिश में किरीट महाराज समेत इन सभी प्रतिवादियों से कहा गया है कि अगर समय से जनार्दन उर्फ अब्दुल वैश उस पूरे बकाया का भुगतान नहीं किया गया तो वह इस पूरे मामले को अदालत में ले जाएंगे।