Meri Bitiya

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सैड सांग

शादी से पहले ही भाग खडा हुआ दूल्हा

दहेज न मिला तो तिलक में लडकेवाले फरार


तिलकहरूओं ने किया हजरतगंज में हंगामा
रसूखदार लडकेवाले धमका रहे हैं वधूपक्ष को
लडकीवाले कार्रवाई की मांग को लेकर कोतवाली में जुटे

दहेज को लेकर दूल्हे और बारातियों के हंगामे पर तो आपने खूब सुना होगा, मगर यह सारी वारदातें तब होती हैं जब बारात वधू के घर पहुंच जाती है। लेकिन लखनऊ में बीती रात दहेज की मांग पूरी ना हो पाने पर लडकेवाले कुछ इस कदर भडक गये कि पूरा खानदान ही घर में ताला लगाकर फरार हो गया। मगर लडकीवाले भी क्या जोरदार निकले। पहले तो सूने पडे घर के सामने जमकर बवाल किया और बाद में सीधे कोतवाली पहुंच गये। यह हादसा है प्रदेश की राजधानी लखनऊ का।
एक बार फिर दहेजलोभियों ने मांग न पूरी होने पर किया शादी से इन्कार। लड़के वाले उस वक्त घर पर ताला लगाकर फरार हो गये जब लड़की के घर वाले धूमधाम से तिलक चढाने पहुचे। लेकिन लड़के के घर में मिला उनको ताला। इतना ही नहींए फोन पर जब लडकेवालों से सम्पर्क करने की कोशिश की गयी तो होने वाले दूल्हे का रसूखदार भाई निपट लेने की धमकियां देने लगा। दरअसलए नरही निवासी राकेश सोनकर के साथ कैसरबाग की ही शिवनन्दनी का रिश्ता तय हुआ था। शादी की तारीख भी 28 नवम्बर के लिए निकाल ली गयी थी और दोनों ही पक्ष इस पर सहमत थे। सारा कुछ तय होने के बाद ऐन तिलकवाले दिन दूल्हेवालों ने एक भारी मांग लडकीपक्ष के सामने रख दी और उसे पूरा ना करने तक तिलक की रस्म टालने की धमकी दी। बताते हैं कि लडकी पक्ष ने इस मांग को अपनी माली हालत का वास्ता देते हुए बाद में पूरा करने का वायदा लेकिन लडकेवाले अडे रहे। शाम को जब वधूपक्ष के लोग तिलक के अनुष्ठान के लिए राकेश के घर पहुंचे तो घर पर ताला लगा पाया। यह देखकर वधूपक्ष के लोगों के हाथों से तो तोते ही उड गये। उधर घर में बैठी दूल्हन शिवनन्दनी की खुशियां उस वक्त ऑसुओं में बदल गयीं जब दहेजलोभी दूल्हे के घरवाले दहेज की मॉग पूरी न होने के चलते फरार हो गये। पता चला कि राकेश के घर वाले शाम से ही घर में ताला लगाकर फरार हो गये थे। वधू के जीजा दिनेश ने बताया कि फोन पर सम्पर्क करने पर लडके के बडे़ भाई ने उल्टे पैर लौट जाने की घमकी दे डाली।
शिवनन्दनी की बहन मीना का आरोप है कि राकेश के साथ उनकी बेटी से सगाई और गोद.भरायी की रस्म के बाद बयाना भी हो गया था जिसमें राकेश के घरवालों को 50 हजार नगद दिये गये थे। लेकिन राकेश के बडे भाई तिलक की रस्म के ठीक पहले उन्होने संदेश भिजवाया कि दहेज में उनको एक कार और दो लाख रूपये नगद चाहिये। वरना शादी नही होगी।
शिवनन्दनी की मां का इस हादसे से बुरा हाल है। बिलख.बिलख कर रो रही इस मां ने रोते हुए बताया कि उनके घर में आठ लड़कियां हैं। उन्हें तो यह चिंता ही खाये जा रही है कि अब इन बेटियों का क्या होगा। वही शिवनन्दनी की शादी में आये कैसरबाग के पूर्व सभासद राजकुमार का कहना है कि हम समझौता चाहते हैं। लेकिन अगर लड़के वाले नहीं माने तो कानूनी कार्रवाई की जायेगी। बहरहालए देर रात तक इस मामले का कोई भी फैसला नहीं हो सका हैए जबकि लडकीवाले हजरतगंज कोतवाली पर धरना दिये हुए हैं।

मी लार्ड! मुझे मां नहीं, सहेली के साथ रहने दीजिए

अवसाद की चपेट में आती जा रही हैं भारतीय बेटियां


जबलपुर हाईकोर्ट में हाजिर हुई इंजीनियर युवती ने कहा
जबलपुर. पिछले कुछ दिनों से लापता एक 22 वर्षीय इंजीनियर युवती ने मंगलवार को हाईकोर्ट में दो टूक कहा कि वह अपनी मां की बजाय अपनी सहेली के साथ रहना चाहती है। मामले को काफी संजीदगी से लेते हुए जस्टिस जस्टिस केके लाहोटी और जस्टिस सुषमा श्रीवास्तव की युगलपीठ ने युवती को उसकी मर्जी के मुताबिक जीवन जीने की इजाजत देकर उसकी मां के द्वारा दायर मामले का निराकरण कर दिया।
युवती की मां की ओर से दायर इस मामले में कहा गया था कि उसकी 22 वर्षीय पुत्री 7 सितंबर से लापता है। उनका आरोप था कि उनकी पुत्री को कुछ लोगों ने बहका कर रखा है, लिहाजा उनके बंधन से उनकी पुत्री को मुक्त कराया जाए।
इस मामले पर हाईकोर्ट ने पूर्व में जबलपुर पुलिस को कहा था कि वे आवेदक की पुत्री को कोर्ट में पेश कराएं। मामले पर आज कोर्ट में हाजिर हुई युवती और उसकी मां के जब बयान हुए, तब युगलपीठ ने मामले की सुनवाई चैम्बर में करने के निर्देश भी दिये। युगलपीठ ने युवती के बालिग होने पर उसे अपनी मर्जी के मुताबिक जीवन जीने की स्वतंत्रता दी।

और लीजिए जनाब, हो गया तलाक !

तीन बार तलाक बोल दिया तो बीबी हरामः देवबंद


फोन मिलाइये तलाक बोलिये। बस काम खत्म
बीबी सुने या ना सुने, तलाक बोला है तो हो गया
दारूल उलूम ने दे दी फोन पर भी तलाक देने की व्यवस्था
देवबंद के फतवे के बाद फिर मचा हडकम्पए विरोध के स्वर उठे

खासकर ऐसे दौर में जबकि पुरूषों द्वारा गुस्से में तलाक देने को लेकर खडे हुए विवादों का समाधान खोजने की कोशिशें तेजी पर चल रही हैंए सहारनपुर स्थित देवबंद दारूल उलूम ने फोन पर तलाक को जायज ठहराने का फतवा जारी कर एक नया विवाद खडा कर दिया है। देवबंद ने अपने फतवे में कहा है कि फोन पर दिया गया तलाक भी जायज होगा। हालांकि इस प्रमुख स्लामिक शिक्षा केंद्र ने इस बारे में कोई भी टिप्पणी नहीं की कि अगर यह तलाक गुस्से में दिया गया तो भी क्या इसे जायज ही माना जाएगा. बहरहाल देवबंद के इस फतवे को लेकर विवाद खडा हो गया है। हालांकि मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड ने अभी तक इस मसले पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
देवबंद दारुल उलूम देवबंद ने कहा है कि मोबाइल फोन पर बातचीत के दौरान बीवी को शौहर द्बारा तीन बार तलाक कहे जाने की बात सुनाई नहीं देने पर भी तलाक मुकम्मल माना जाएगा। दारुल उलूम के दारुल इफ्ता विभाग ने एक सवाल के जवाब में कहा कि अगर शौहर ने किसी गवाह के मौजूद नहीं होने पर भी मोबाइल फोन पर अपनी बीवी से बातचीत में तीन बार तलाक कह दिया तो उसे तलाक माना जाएगा। भले ही सिग्नल में दिक्कत या किसी अन्य कारण से बीवी ने तलाक की बात नहीं सुनी हो।
सवाल करने वाले व्यक्ति ने पूछा था कि उसने एक बार गुस्से में अपनी बीवी को तीन बार तलाक बोल दिया था। लेकिन उसकी बीवी वह बात नहीं सुन सकी थी, तो क्या इसे तलाक माना जाएगा। इस पर दारुल इफ्ता ने फतवे में कहा, अगर आपने अपनी बीवी से तीन बार तलाक कहा है तो उसे तलाक माना जाएगा। और अब आपकी बीवी आपके लिए हराम हो गई है। फतवे में कहा गया है कि इस मामले में तलाक मुकम्मल होने के लिए यह जरूरी नहीं है कि बीवी ने तलाक की बात सुनी हो या फिर उस बात के गवाह मौजूद हों। 

पूर्वांचल में भी ऑनर किलिंग की धमक

साथ घूमने की कीमत तीन लडकियों की नृशंस हत्या


दस दिन पहले एक साथ बरामद हुईं तीन लडकियों की लाशों का हुआ खुलासा: केवल संदेह के आधार पर ही मार डाला अपनी बेटी और उसकी दो सहेलियों को: भाई और मामा समेत चार हत्यारे गिरफ्तार, खून से सनी शर्ट व शाल भी मिला: देवरिया के भटनी इलाके में 4 नवंबर को मिली थी इन तीन सहेलियों की लाशें:
उत्तर प्रदेश में देवरिया के भटनी इलाके के सिंघाई गांव की रहने वाली तीन सहेलियों को एक साथ घूमना महंगा पड़ गया। उनके परिवार वालों ने उनके चरित्र पर शक किया और तीनों की हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या के सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है जो उन लड़कियों के भाई और रिश्तेदार हैं।
पुलिस अधीक्षक एमडी कर्णधार ने बताया कि अनीता, नीता और सरिता का शव पिछले चार नवम्बर को बरामद हुआ था। तीनों की पीट-पीट कर हत्या की गई थी। हत्या के सिलसिले में अनीता के भाई घनश्याम, मामा दद्दन,तथा नीता के भाई मनोहर और मनोज को कल गिरफ्तार किया गया। सरिता के परिवार का कोई पुरूष सदस्य इस हत्या में शामिल नहीं है।
उन्होंनें कहा कि गिरफ्तार लोगों ने हत्या करना स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने दद्दन की खून सनी कमीज और हत्या में इस्तेमाल में लाए गए डंडे और हथियार को भी बरामद कर लिया है। घनश्याम ने एक लडकी का खून से सना शाल भी पुलिस को बरामद करवा दिया है। हालांकि इन ने अपना जुर्म कुबूल तो कर लिया है, मगर उनके चेहरे पर अपने इस नृशंस कृत्य के लिए कोई पश्चाताप का भाव नहीं हैं। हां, पकडे जाने के बाद उनके चेहरे पर जेल जाने का भय जरूर दिख रहा है।
 

 

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