Meri Bitiya

Monday, Dec 10th

Last update02:57:01 PM GMT

मेरी बिटिया डॉट कॉम अगर आपको पसंद हो, आप इस पोर्टल के लिए सुझाव, समाचार, निर्देश, शिकायत वगैरह भेजने के इच्‍छुक हों तो meribitiyakhabar@gmail.com पर हम आपकी प्रतीक्षा कर रहे है.

Advertisement

सैड सांग

यह पुलिस की गुंडागर्दी है, या गुंडों की पुलिसगिरी ?

: ख्‍यातनाम वकील प्रिंस लेनिन के घर पुलिस का कहर, मारपीट। गालियां पर ऐतराज किया, तो बहन को उठा ले गये थाने : राजधानी में पुलिस अब गुण्‍डागर्दी पर आमादा, गिरोहबंद अंदाज में पूरा घर तहस-नहस कर डाला : अवध बार ने की घटना की कड़ी निंदा, कार्रवाई करेंगे। वकीलों में आक्रोश :

कुमार सौवीर

लखनऊ : लखनऊ हाईकोर्ट के अधिवक्‍ता जगत में एक जानी-पहचानी शख्सियत माने जाते हैं प्रिंस लेनिन। उनके पिता भी ख्‍यातनाम वकील हैं। हुसैनगंज में उनका घर है। कुछ दिन पहले उनके घर किसी गिरोहबंद गुण्‍डों की तरह पुलिसवालों ने उनके घर भयावह कहर बरपाया। घर में मौजूद बच्‍चों से लेकर बुजुर्गों तक को आतंकित किया, महिलाओं के सामने नंगी-अश्‍लील गालियां दीं। इस पर जब लेनिन की बहन ने पुलिसवालों पर ऐतराज किया तो पुलिसवालों ने और भी भयावह तांडव मचाया और लेनिन की बहन को भी दबोच कर थाने ले गये। बहरहाल, इस घटना से अधिवक्‍ता जगत में काफी आक्रोश है। अवध बार एसोसियेशन के अध्‍यक्ष डॉ एलपी मिश्र ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उधर खबर मिली है कि बार के पूर्व महामंत्री आरडी शाही के नेतृत्‍व में वकीलों का एक प्रतिनिधि मंडल लेनिन के घर पूरी घटना की छानबीन करने गये हैं।

दरअसल, कुछ दिन एक महिला एक लेनिन के पिता से अपने एक ट्रस्‍ट में एक कमरा दे दिया था। उस महिला का कहना था कि वह अपने 78 वर्षीय पिता के साथ रखना चाहती है। लेकिन बाद में पता चला कि वह महिला वेश्‍यावृत्ति में संलिप्‍त है। इस पर लेनिन के पिता ने उसे कमरा खाली करने की नोटिस दे दी। इस पर वह महिला कुछ पुलिसवालों के साथ उनके घर गयी और जमकर हंगामा किया। पुलिसवालों ने लेनिन की बहन को पीटा, घसीटा और उनकी मां, बहन, बच्‍चों, पिता और अन्‍य पारिवारिक सदस्‍यों को भी बुरी तरह मारा। ऐतराज करने पर पुलिस वाले लेनिन की  बहन को घसीट कर थाने ले गये। यह हादसा तब हुआ, जब एटीएस के एएसपी राजेश साहनी की अन्‍त्‍येष्टि चल रही थी।

न्‍यायपालिका की खबरों को पढ़ने के लिए कृपया निम्‍न लिंक पर क्लिक कीजिएगा:-

जस्टिस और न्‍यायपालिका

इस घटना से वकीलों में खासा आक्रोश है। अवध बार एसोसियेशन के अध्‍यक्ष डॉ एलपी मिश्र ने इस घटना की कड़ी निंदा की है, और कहा है कि एसोसियेशन इस मामले में कड़ी कार्रवाई करेगी। उन्‍होंने कहा कि लेनिन और उनके पिता एक जानेमाने वकील हैं, और आम आदमी के लिए जनहित याचिका दायर करने वाले जागरूक वकील के तौर पर भी उनकी पहचान है। डॉ मिश्र का कहना है कि वकीलों के सम्‍मान के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

उधर एसोसियेशन के पूर्व महामंत्री आरडी शाही आज देर शाम लेनिन के घर पहुंचे। उनके साथ कई अन्‍य वकील भी मौजूद थे। अंतिम सूचना मिलने तक पता चला है कि वे अधिवक्‍ता नेतागण लेनिन के यहां पूरी बातचीत और छानबीन कर रहे हैं। आरडी शाही ने अवध बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और सदस्यों से अपील की है कि वे इस मामले में तत्‍काल हस्‍तक्षेप करें। उनका कहना है कि ये एक गंभीर प्रकरण है जिस पर मौन घातक हो सकता है। इस घटना में शामिल पुलिस कर्मियों की पहचान और कठोर कार्यवाही समय की मांग है।

अधिवक्‍ता-जगत से जुड़ी खबरों को देखने के लिए कृपया निम्‍न लिंक पर क्लिक कीजिए:-

लर्नेड वकील साहब

उधर प्रिंस लेनिन ने इस मामले पर लखनऊ के एसएसपी को एक पत्र लिखते हुए उन्‍हें पूरी जानकारी से अवगत किया और कार्रवाई की मांग की है। उन्‍होंने लिखा है कि

Sir,

It seems u have not been briefed with the bitter truth behind the brutal incident which took place with my younger sister due to which she is still in state of shock. A lady who came to my 78yrs old father with a person claiming to b her husband and ask for a room at trust building for few days which was given to her without any charges. After a day the person told my father that he had lied as he is not her husband and the lady is a prostitute. Immediately they were asked to leave the place. The man left but the lady locked the room and went away. Few days after she appeared with a constable tiwari who tried to pressurize my parents to allow her to live there.

That constable one midnight came to my parents place and created nuisance. Broke the channel gate of my house. I tried calling u all that time and also send sos msg to ur PRO Arun, CO ganj, SP East. Next day got a call from SP east who assured of action as such NO COMPLAINT WAS MADE AGAINST POLICE. That constable acted illegally in favour of that indecent lady several times and tries to create pressure. Unfortunately on the day of funeral of Late Rajesh Shahni the constable tiwari alongwith several policemen came to the house and misbehaved, abused my old mother when my younger sister opposed their act she was brutally attacked, abused, beaten up and dragged by those POLICEMEN. When she tried to record it on her mobile her mobile was snatched by them. She was beaten up in the police station and locked up with male detenue and her clothes were torn. This incident from no point is an ordinary incident.

It has caused huge irreparable loss and injury, physical and mental, to my entire family which cannot be compensated. Initially the police pressurize for not filing a FIR against their colleagues. Medical examination was delayed. Hearing you depicted that you have not been informed about the correct facts. As such I am writing this msg to u for your kind perusal and action against the guilty police men. Thanks and regards.Prince Lenin

पुलिस से जुड़ी खबरों को देखने के लिए क्लिक कीजिए:-

बड़ा दारोगा

इस घटना की खबर पर फेसबुक पर भी हंगामा मचा हुआ है।

Saqib Siddiqui : Shameful&coward act committed by police. We all should stand united against this henious crime.

As the dignity of a our colleague brother is at stake.

Vimal Pandey : अगर अभी अधिवक्ता संघर्ष नहीं करेगा तो आने वाले दिन अधिवक्ताओं के लिए और भी खराब हो जाएंगे अगर पुलिस राजधानी में एक वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ ऐसा बर्ताव कर रही है तो प्रदेश की क्या हालत होगी गुंडई की हद है आंदोलन होना चाहिए इस घटना के खिलाफ

Atul Pathak : बिलकुल सर हम सब आपके साथ हैं।

आपके अपडेट की प्रतीक्षा है।

Pawan Pandey : सर !.. जो भी आगे कार्रवायी हो जरूर बताएँ... एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता और एक अच्छे व्यक्ति को पुलिस द्वारा इस प्रकार परेशान किया जाएगा विश्वास नहीं होता... आपके निर्णय का इंतज़ार है

Adv Rekha Srivastava : Ji jaroori hai

Arun Singh : We all r with u sir

Amit Tripathi : Kuch action jarur ho .

Shiivaani Kulshresthhaa : Lucknow ki police badmash hai. Ek to police vale law nahi jante hai. Khane chatne ke adde bana rakhe hai. Un addo ke bare me update kar do to personal relation valo ko ph karke dabav banate hai. Wakeelo me ekta nahi hai. Mai to bhukt bhogi hu. Police valo ko achha sabak milna chahiye.

Asif Rizvi Rinku : राजधानी की पुलिस इस तरह से बर्ताव कर रही है अधिवक्ताओं के साथ वह भी पेंसिलीन जैसे चर्चित बड़े अधिवक्ताओं के साथ तो पूरे उत्तर प्रदेश में अधिवक्ताओं का कैसे उत्पीड़न कर रही होगी पुलिस विषय बहुत गंभीर है बार एसोसिएशन को गंभीरता से लेना चाहिए इस मसले को

Adv Anoop Kumar Maurya : सर हम सब आपके साथ हैं।

Sunil Kumar Mishra : We are with you

Arvind Tewari : Shahi bhaisaheb, good evening. in response to your article, I have to simply say that as an when a missed call will be received form you, I will be available at the place, wherever you want to see me. Now, I am at waiting mode from right now till your call is not received. So plz give me a call with a view to respond you immediately. Advocate Arvind Kumar Tewari, cell nos. 9005553643, 9451576220.

Onkar Nath : Tiwari Sir as when news came into notice anxiety hum sabhi ko hai

Kamlesh Shukla Bhai Saheb, I spoke to him just before 10 minutes telephonically. You speak and please do tell if anything required. I am also of your view and any little silence could be very harmful. 9415785580, I am with you and him.

S R Shankar : राजधानी मे अधिवक्ता के परिवार के साथ सिपाहियो का यह दुर्व्यवहार व जबरदस्ती तथा बहन को थाने मे जबरन पकङकर रखना -इससे बङा और गंभीर बहुआयामी अपराध क्या हो सकता है। पुलिस वैश्यावृत्ति कराती है,वह अपराधियो को शरण देती है ,पर अब वह अधिवक्ता के घर मे जबरन चकलाघर चलवाएगी ? विरोध करने पर इतना दुस्साहस और आला पुलिस अधिकारियो की नाक के नीचे। इसके विरूद्ध गहरा गंभीर आक्रामक व व्यापक विरोध करना पङेगा।सर त्वरित निर्णय लीजिए, हम सब आएंगे।यह तो सरासर अत्याचार है।

देवरिया में छह महीने का गर्भ गिराया हत्‍यारे डॉक्‍टर ने

: यूपी के कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही के घर के बगल में ही संचालित होता है यह ग्‍लोबल हॉस्पिटल : आयुष डॉक्‍टर की ख्‍याति अबॉर्शन स्‍पेशलिस्‍ट की तरह, डॉक्‍टर फरार : आशा कार्यकर्ता के सहयोग में गर्भपात करने का चोखा धंधा : सीएमओ आफिस उगाहता है ऐसे अस्‍पतालों से मोटी रकम :

गौरव कुशवाहा

देवरिया : शहर के राघव नगर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में गैरकानूनी ढंग से नाबालिंग किशोरी का एबॉर्शन किये जाने की गुप्त सूचना पर देवरिया बाल कल्याण समिति की महिला टीम पहुँची। जहाँ लगभग 17 वर्ष की नाबालिंग किशोरी संदिग्ध हालात में मिली। मामला संदिग्ध देख सीडब्ल्यूसी की सदस्य कनकलता द्विवेदी ने अस्पताल संचालक से किशोरी की जांच रिपोर्ट और दवाई के बारे में पूछने पर अस्पताल संचालक टालमटोल करते हुए बोला कि किशोरी का इलाज डॉ ए के मिश्रा कर रहे है वही बता सकते है। मुझे कुछ नही पता है। टीम ने जब किशोरी का इलाज कर रहे डॉक्टर को बुलाने के लिए कहा तब संचालक ने बताया कि डॉक्टर भाजपा के नेता है और किसी मीटिंग में गए है।उनको फोन कर दिया गया है जल्द ही वो आ जाएंगे।सीडब्ल्यूसी की सदस्यता प्रतिभा श्रीवास्तव ने जब किशोरी के एबॉर्शन के बारे में पूछा तब संचालक टीम को अपनी ऊची रसूख की धमकी देने लगा कि हम भी देखते है आप लोग मेरा क्या बिगाड़ लेते हैं। मेरे हॉस्पिटल में जो हो रहा हैं वो सभी प्राइवेट अस्पतालों में होता हैं।

शहर के राघव नगर स्थित कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही के मकान से महज 20 कदम दूर स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल अवैध ढंग से संचालित हो रहा हैं। जिसमे न तो कोई डॉक्टर उपलब्ध है और ना ही कोई प्रशिक्षित कर्मचारी। सूत्रों का दावा है कि इस अस्पताल में एक आयुष डॉक्टर है जो अंग्रेजी दवाओं के साथ एबॉर्शन स्पेशलिस्ट के रूप में जाना जाता हैं। मानक की धज्जियां उड़ाते हुए इस अस्पताल में हर रोग का इलाज और ऑपरेशन किया जाता है। तय मानक के खिलाफ ये हॉस्पिटल वर्षो से चिकित्सा विभाग के सहभागिता से चल रहा हैं।यही नही इस अस्पताल में आशा कार्यकर्तियो को डिलेवरी एबॉर्शन और अन्य ऑपरेशन व उपचार के लिए कमीशन के रूप में मोटी रकम भी दी जाती है। जिसके लालच में आशाएं यहाँ मरीजो को ले आती हैं। गौरतलब बात है कि जिले का मुख्‍य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय ऐसे अवैध हॉस्पिटल को नियमित रूप से मोटी रकम उगाहते हैं।

डॉक्‍टरों से जुड़ी खबरों को देखने के लिए निम्‍न लिंक पर क्लिक कीजिए:-

भगवान धन्‍वन्तरि

शुक्रवार की दोपहर एक आशा कार्यकर्ती 17 वर्षीय किशोरी और उसके परिजनों को साथ लिए ग्लोबल हॉस्पिटल पहुचीं और एबॉर्शन के लिए भर्ती कराया। ग्लोबल हॉस्पिटल के संचालक रामजीत शर्मा ने एबॉर्शन के लिए 30 हजार की माग की। मगर पूरा मामला 24 हजार में सेट हुआ। संचालक शर्मा ने किशोरी के परिजनों ने एडवांस के तौर पर 10 हजार जमा करवाया और ईलाज शुरू कर दिया। इलाज के थोड़ी देर बाद ही किशोरी की तबियत बिगड़ने लगी।बाल कल्याण समिति की सदस्य कनकलता द्विवेदी ने गैरकानूनी ढंग से नाबालिंग किशोरी की हो रहे एबॉर्शन की जानकारी एसपी रोहन पी कनय को दी।सूचना दिए जाने के करीब एक घंटे बाद पुलिस अस्पताल पहुचीं।पुलिस के पहुचते ही संचालक रामजीत शर्मा पुलिस को चकमा दे कर फरार हो गया।

किशोरी की हालत बिगड़ता देख सीडब्ल्यूसी की टीम ने पुलिस के सहयोग से किशोरी को जिला महिला अस्पताल भिजवाया। जहा उसका इलाज चल रहा हैं।वहीं किशोरी को इलाज के लिए ग्लोबल हॉस्पिटल में भर्ती कराने वाली आशा कार्यकर्ती ने बताया कि किशोरी 6 माह की गर्भवती हैं। जिसके एबॉर्शन के लिए वो किशोरी को लेकर वहाँ आयी थी।आशा कार्यकर्ती ने ये भी कबूल किया कि वो पहले भी ग्लोबल हॉस्पिटल में डिलेवरी समेत अन्य इलाज के लिए आ चुकी हैं।

वहीं सूत्र बताते हैं कि इस अस्पताल में ईलाज के आड़ में गैरकानूनी ढंग से एबॉर्शन किया जाता है और तगड़ी फीस वसूली जाती हैं।टीम की सदस्या रंजना तिवारी ने बताया कि एक आशा कार्यकर्ती द्वारा नाबालिंग बालिका का एबॉर्शन कराने के लिए ग्लोबल हॉस्पिटल लाया गया था।पूरा मामला 24 हजार में तय हो हुआ।हॉस्पिटल में एक भी प्रशिक्षित स्टाफ नही हैं। प्रशासन के सहयोग से हॉस्पिटल के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। सूत्र ये भी दावा करते है कि देवरिया जनपद के लगभग 90 फीसदी प्राइवेट अस्पतालों में गैरकानूनी ढंग से भ्रूण जांच और एबॉर्शन का धंन्धा बहुत तेजी से फल फूल रहा हैं।

देवरिया से जुड़ी खबरों को देखने के लिए निम्‍न लिंक पर क्लिक कीजिए:-

देवारण्‍य

बाहुबली बनने शौक में सरेआम बेइज्‍जत हुए विधायक

: एक अदने से प्रधान-पति ने बस्‍ती के विधायक के सारे बस-बल को निर्वस्‍त्र कर डाला : चाहरदीवारी गिराने को लेकर भड़के थे भाजपा के हरैया विधायक अजय सिंह : फोन पर बमक पड़े, तो सारी कलई उतार दी गयी : मामला थाने पर, लेकिन राज्‍यश्रय के चलते कार्रवाई अब तक नहीं :

मेरी बिटिया संवाददाता

बस्ती : एक विधायक हैं अजय सिंह। पूर्वांचल के जिला बस्‍ती में हरैया उनकी निर्वाचन भूमि है। राजनीति में शुरू से ही सबसे ऊंचे पायदानों को नापने की लम्‍बी-लम्‍बी ख्‍वाहिशें पाले रहे हैं अजय सिंह। इसके लिए पहले उन्‍होंने कांग्रेस का दामन था, लेकिन वहां जब अहसास हो गया कि कांग्रेस में उनकी दाल नहीं गल पायेगी, तो वे लपक कर भाजपा की गोदी में बैठ कर नामनामी चुसनी चूसने लगे। हालांकि उसके पहले, सूत्र बताते हैं कि उन्‍होंने बाहुबली बनने की दिशा में भी कोशिश की थी। एक हत्‍या में उनका नाम भी उछला। खैर

भगवा-कलर की आंधी में भाजपा से वे विधायक तो बन गये, लेकिन अपनी छवि दबंग बनाने की हरचंद कोशिश करते रहे। काफी दिनों तक उनकी यह कोशिश सफलीभूत होती रही, इसी से उनके हौसले भी बढ़ते गये। किसी को भी बेअंदाजी से पेश करना उनके स्‍वभाव का हिस्‍सा बनने लगा। लेकिन शुक्रवार को उनकी पूरी छवि का कबाड़ा बन गया है। वजह है एक छोटे से गांव का एक अदना सा प्रधानपति। विधायक ने जब इस प्रधानपति को गियर में लेने की कोशिश की, तो कुछ देर तक तो वह सुनना रहा और आरोपों का प्रतिवाद करता रहा, लेकिन उसके बाद अचानक वह बमक पड़ा। बात यहां तक पहुंच गई कि उसने अजय सिंह विधायक को यहां तक कह दिया कि:- ओ अजय सिंह, अपनी जुबान को सम्‍भालो। वरना अगर हमने जवाब देना शुरू किया तो तुम्‍हारे पास कोई रास्‍ता नहीं बचेगा।

तो साहब कल शाम से ही एमएलए अजय सिंह ने इस जमीन विवाद में प्रधान के पति को धमकी दी थी, उसका ऑडियो अब पूरे इलाके में वॉयरल हो चुका है। बस्ती-लखनऊ हाईवे से सटे विधानसभा के हरैया भाजपा विधायक अजय सिंह का ऑडियो अपराह्न करीब डेढ़ बजे वायरल होते ही जिले में हड़कंप मच गया। करीब दो मिनट के इस ऑडियो में हाईवे से सटी एक जमीन का बाउण्ड्रीवाल गिराए जाने से विधायक काफी नाराज हैं। बातचीत में उन्होंने प्रधानपति आरके सिंह पर बाउण्ड्रीवाल गिराए जाने का आरोप लगाया। बोले कि गुंडई नहीं चलेगी।

विधायक ने जमीन पर अपना मालिकाना हक जताते हुए प्रधानपति को धमकाया भी है। उधर, जवाब में प्रधानपति ने भी विधायक से उनके द्वारा बाउण्ड्री नहीं गिराए जाने की बात कहते हुए उन्हें देख लेने की बात कही। दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप लगते रहे।

अपराह्न करीब तीन बजे प्रधानपति अपने बेटे के साथ स्थानीय थाने पर पहुंचे और विधायक के खिलाफ धमकाने संबंधी तहरीर देते हुए मुकदमा दर्ज करने के साथ ही सुरक्षाकर्मी मुहैया कराने की मांग की। वहां से पुलिस आफिस पहुंचे लेकिन एसपी के शहर से बाहर रहने के चलते मुलाकात नहीं हो पाई। फिलहाल ऑडियो के वायरल होने के बाद से जिले के सियासी और प्रशासनिक हल्के में हड़कंप मचा हुआ है।

बस्‍ती से जुड़ी खबरों को देखने के लिए निम्‍न लिंक पर क्लिक कीजिए:-

बस्‍ती, इज्‍जत बहुत सस्‍ती

देहरादून कांड में न्यायिक अधिकारी जया पाठक दोषी

हाई कोर्ट के 7 जजों की प्रशासनिक समिति ने पाया यह नतीजा : बच्चे को बचाने के लिए जया ने किया था पुलिस वालों पर प्रतिवाद : कॉलेज के बच्चों के झगड़े में कूदी पुलिस ने किया था तांडव : किसी कुख्यात अपराधी की तरह उस बच्चे को थाने में बर्बरतापूर्वक पीटा था :

कुमार सौवीर

रेणुकूट ( सोनभद्र ) : यूपी न्यायिक अधिकारी सेवा की वरिष्ठ अधिकारी और अपर जिला एवं सेशन जज जया पाठक को एक मारपीट के मामले में दोषी ठहराया गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में सात जजों की एक प्रशासनिक समिति ने इस मामले में जया पाठक को उनके उस अपराध का जिम्मेदार ठहरा दिया है, जिसमें जया ने अपने बच्चे को बचाने की कोशिश के तहत बच्चे को बर्बरता से पीट रहे पुलिसवालों पर हाथ उठा दिया था।  खबर है कि अब इसके बाद यह समिति जया पाठक से जवाब तलब करेगी कि क्यों ना उनके उस अपराध के लिए कौन सी सजा तजवीज कीजिए।

ज्ञातव्य है कि कुछ ही महीना पहले जया पाठक ने देहरादून की कोतवाली में एक पुलिस वाले को तब पीट दिया था जब वहां मौजूद पुलिस वाले जया पाठक के बच्चे को बर्बरता पूर्वक पीट रहे थे। उस समय उन्नाव में अपर जिला जज के तौर पर तैनात जया पाठक अपने बच्चे से मिलने देहरादून गई थीं, जो वहां की पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग पढ़ रहा था।

हमले के समय पुलिस वालों ने उस बच्चे के साथ न केवल अमानवीय व्यवहार किया बल्कि उस बच्चे की मां यानी जया पाठक के सामने उसे भद्दी और नंगी गालियां भी दीं। कोतवाली मुख्य गेट से थाने तक ले जाते समय पुलिस वालों ने उस बच्चे को कुछ इस तरीके से घसीटा और पीटा था, मानो वह बच्चा किसी कॉलेज का छात्र नहीं, बल्कि कोई कुख्यात अपराधी रहा हो।

इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जया पाठक को निलंबित कर दिया था। और उन के मामले में जांच के लिए सात जजों की एक प्रशासनिक समिति का गठन भी कर दिया था। अब खबर है कि इस समिति ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। विश्वस्त सूत्रों ने यह जानकारी दी है। सूत्रों के अनुसार समिति की रिपोर्ट में जया पाठक को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया गया है। इसके बाद संभवतः यह समिति जया पाठक से जवाब तलब करेगी। सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई हाईकोर्ट की प्रशासनिक समिति की होने के चलते एक बड़े विवाद का कारण भी बन सकती है।

Page 5 of 237