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नूपुर का ''नमस्ते फ्रांस", देहरादून की यह लड़की फ्रांस में छा चुकी है

नमस्ते फ्रांस" के नाम से भारत की संस्कृति फ्रांस में रंग जमा रही है। 2009 में भारत ने "बोंजोर इंडिया" नाम से फ्रेंच महोत्सव आयोजित किया था। अब "नमस्ते फ्रांस" महोत्सव के जरिए फ्रांसवासी हमारी कला, संस्कृति, नृत्य, साहित्य और सिनेमा की प्रतिभा को करीब से देख रहे हैं। इस सबके पीछे नूपुर की जी तोड़ मेहनत और बुलंद हौसला है। नूपुर फ्रांस में भारत की कला और संस्कृति की राजदूत हैं। शाही घराने से ताल्लुक रखने वाली देहरादून की यह राजपूत लड़की फ्रांस में छा चुकी है। अपने देश की संस्कृति और कला के प्रति गहरे लगाव ने उनको परदेस में भी अपनी मिट्टी की खुशबू से बिछुड़ने नहीं दिया। इसी का परिणाम है "नमस्ते फ्रांस"। जहां फ्रांस का "बोंजोर इंडिया" महोत्सव भारत में तीन महीने तक चला था, वहीं "नमस्ते फ्रांस" 15 महीनों तक पेरिस में चलेगा। यह समारोह जुलाई 2011 में "म्यूजियम ऑफ मॉर्डन आट्र्स" में नोबल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के मूल चित्रों की प्रदर्शनी के साथ खत्म होगा।

 

नमस्ते फ्रांस" 15 महीनों तक पेरिस में चलेगा। यह समारोह जुलाई 2011 में "म्यूजियम ऑफ मॉर्डन आट्र्स" में नोबल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के मूल चित्रों की प्रदर्शनी के साथ खत्म होगा।

 

विरासत का ग्लोबलाइजेशनकल्चरल एंबेसेडर के अपने रोल को नूपुर बखूबी अंजाम दे रही हैं। अगले कुछ हफ्तों में उनको किन-किन इवेंट्स को अंजाम देना है, डेट से उनकी डायरी फुल है। इनमें कई बड़े नाम भी शामिल हैं जैसे- सेंट ट्रोफेज में होने वाला गोल्फ और पोलो का लेडीज एमेच्योर कंपीटिशन, फ्रांस-इंडिया बिजनेस कप, इंडियन समर पन देई ट्रॉफी आदि। अपने भारतीय दोस्तों के बारे में वे कहती हैं, "अपने इंडियन फ्रेंड्स से बात करके मुझे बेहद खुशी मिलती है। खासकर जो आर्टिस्ट या कल्चरल आइकन हैं। मैं उन्हें अब फ्रांस में हो रहे "नमस्ते फ्रांस" फेस्टिवल में भी बुलाना चाहती हूं। नूपुर का सपना भारत की कला और संस्कृति को फ्रांस और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और ज्यादा मशहूर करना है। इसलिए पर्ल बीच पर होने वाली रिसेप्शन पार्टी हो या बिजनेस इंवेंट या फिर गेम्स, वे हर आयोजन में अपने देश की कला और संस्कृति के रंग बिखेरने की कोशिश करती हैं।

 

ज्वैलरी डिजाइनिंग का शौकनूपुर ऎसी भारतीय ज्वैलरी डिजाइनर हैं, जो पेरिस के "ले बॉन मार्च" में अपनी डिजाइनर ज्वैलरी की धाक जमा चुकी हैं। उनके ज्वैलरी स्टोर में ज्वैलरी की कई लेटेस्ट डिजाइन मौजूद हैं। ब्यूटी प्रोडक्ट्स का भी उनके स्टोर में अच्छा खासा कलेक्शन है। "ले बॉन मार्च" आज एक एक खूबसूरत हैरिटेज बिçल्ंडग में बदल चुका है। इस बिçल्ंडग को एफिल टॉवर डिजायन करने वाले गुस्टेव एफिल ने डिजायन किया था। नूपुर का कहना है, "कल्चरल एंबेसेडर के काम के बीच में ज्वैलरी को कभी नहीं भूलती। मेरे ब्रांड की रिंग एक बार जूलियट बिनोच की अंगुली में देखी, तो बहुत खुशी हुई। ब्रांड को संवारने में सासू मां का बहुत योगदान रहा है। उनके सुझाव और अनुभवों ने बहुत सिखाया। एक बार मुझे "पन देई पैलेस" में अपनी ज्वैलरी प्रदर्शित करने का मौका मिला है।

 

अपनी अधिकतर ज्वैलरी उदयपुर में तैयार करवाती हूं। भारतीय डिजाइनर्स के साथ कॉन्टे्रक्ट चलते रहते हैं। दुबई एक्स्पो के लिए भी एक बड़ा कलेक्शन तैयार कर रही हूं, जिसका प्रदर्शन बाद में मोनाको, लंदन, सिंगापुर और आबू धाबी में भी होगा। कंटेम्प्रेरी इंडिया पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाने की भी योजना है। यह फ्रैंच चैनल "टीवी-5 मोंडे" पर प्रसारित होगी। इसमें भारतीय पॉलिटिक्स, आर्ट, फाइन आर्ट, गेस्ट्रोनॉमी और हॉस्पिटेलिटी आदि को फोकस किया जाएगा, जिसका हर पार्ट 26 मिनट का होगा। बाद में इसे बड़े रूप में तब्दील करने की योजना है। अगले साल 18वीं शताब्दी की भारतीय ज्वैलरी पर एक शो का आयोजन करने की भी योजना है। भारतीय फिल्मों में फ्रेंच लोकेशन प्रमोट करने के लिए फ्रांस में भारतीय फिल्म महोत्सव आयोजित करने पर विचार कर रहे हैं।"

 

फ्रैंच-इंडियन लव स्टोरीपारिवारिक जीवन के बारे में नूपुर का कहना है, "मैं फ्रैंच हसबैंड फ्रेडेरिक ट्रोन के साथ खुशहाल जीवन बिता रही हूं। पति से पहली मुलाकात लॉव्रे में हुई। वह मुझे बहुत गौर से और लगातार देखे जा रहे थे। मैं जब भी उनकी ओर देखती, वह मुझे ही घूर रहे होते थे। कई बार हम लोगों की नजरें टकराईं। फिर एकाएक हंसी फूट पड़ी और हम दोनों में बातचीत शुरू हुई।" बकौल नूपुर, "हर चीज की तरह भारतीय खाना भी लाजबाव है। यहां के खाने का स्वाद और विविधता हर किसी को दीवाना बना देती है। एक बार मैंने कुछ मेहमानों को खाने पर निमंत्रित किया। भारतीय भोजन और फ्रैंच बीयर की महफिल जमी थी। अनार और सूखे मेवों के साथ सर्व किए गए छोले-भटूरों का स्वाद सभी मेहमानों को इतना भाया कि बाद में इसे जापानी मैग्जीन में भी जगह मिली।

Comments (1)Add Comment
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written by RAJEEV MOHAN, September 21, 2016
Dehradoon KI noopur aaj kal kahan hai, kya kar rahi hai , yah jaankaari shaayad labhprad hogi MERI BITIYA ME NETCAST HONA........!

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