Meri Bitiya

Thursday, Jun 21st

Last update12:38:55 PM GMT

मेरी बिटिया डॉट कॉम अगर आपको पसंद हो, आप इस पोर्टल के लिए सुझाव, समाचार, निर्देश, शिकायत वगैरह भेजने के इच्‍छुक हों तो meribitiyakhabar@gmail.com पर हम आपकी प्रतीक्षा कर रहे है.

Advertisement

पुलिस ने घंटों लगाया पीडि़त को एनीमा, फिर छुच्‍छी निकाल ली। "अब आराम है"

: राजधानी के कोतवाल ने चुटकियों में सुलझा डाला मुख्‍यमंत्री के प्रमुख सचिव पर 25 लाख की घूस का मामला : चल बे, शीश झुका महान बड़े दारोगा के चरणों में : जब धारा 168 की नोटिस देकर पूछताछ व जांच के लिए थाने बुलाया, तो फिर घर पर छापा मार कर अज्ञात स्‍थान पर ले गयी पुलिस :

कुमार सौवीर

लखनऊ : हट बे,  दूर हट। मुलाहिजा खबरदार, होशियार, अटेंशन। राजधानी के कोतवाल महाराज-धिराज बड़े दरोगा श्री श्री दीपक कुमार के पावन चरण जनता पर पड़ने वाले हैं। होशियार खबरदार।

जी हां, दीपक कुमार जी वाकई अब अति सम्मान के सुपात्र साबित हो चुके हैं। यह सम्मान उन्होंने अपनी अथक कोशिशों के बाद हासिल किया है। सरकार से लेकर सचिवालय और डीजीपी आफिस लगायत होमगार्ड तक दीपक कुमार की जयजयकार ही हो रही है। यहां हम जनता पर बीत रही पीड़ाओं की बात नहीं कर रहे हैं।

तो जनाब, दीपक कुमार जी के बारे में ज्यादा विस्तार पर आने से पहले मैं आपको इनकी कार्यशैली से थोड़ा अवगत करा दूं। उनकी सफलता जा रही है कि उनके कार्यकाल में हुए हर अपराध को दर्ज किया गया उनमें से अधिकांश मामलों का खुलासा ही नहीं हो पाया है खासतौर से वह मामले जो राजधानी और प्रदेश के कानून व्यवस्था से जुड़े होते हैं।और जिन भी मामलों का खुलासा दीपक कुमार ने किया उनमें से अधिकांश पूरी तरह से संदिग्ध और संदेहों के घेरे में हैं।

गौरतलब बात यह है कि उनके कार्यकाल में कई मुकदमे ऐसे हुए हैं जिनकी एफआईआर ही पुलिस ने दर्ज नहीं की, और जब दर्ज की तो उसमें ढेरों पेंच-ओ-खम छोड़ दिया।और हां, जिस भी मामले में  पुलिस की संलिप्‍तता या करतूतें शामिल हुई हैं, उन सारे मामलों में दीपक कुमार ने पूरी तरह मामला ही घोंट लिया। या फिर उसे इतनी झंझट में डाल दिया है कि उसके बाद विधाता परमेश्वर भी अगर चाहें, तो नहीं सुलझा सकते। ताज़ा मामला तो हाईकोर्ट के ख्यातिनाम अधिवक्ता प्रिंस लेनिन के घर हुए पुलिसिया तांडव को लेकर है।

पुलिस से जुड़ी खबरों को देखने के लिए क्लिक कीजिए:-

बड़ा दारोगा

लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है कि यह दीपक कुमार जी संगीन घटनाओं पर ध्यान ही नहीं देते हैं। आपको बता दें कि ऐसा कोई भी बड़ा मामला ऐसा नहीं हुआ है जिसमें दीपक कुमार के कान न खड़े हो गए हों। खबर मिलते ही वे तत्पर हो जाते हैं और चुटकियों में सारा मामला सुलझा देते हैं। अब यह अलग बात है उनका यह सुलझाया हुआ मामला उनकी किस प्रयोगशाला में किस प्रविधि-विशेषज्ञता के साथ पका कर तैयार किया जाता है।

मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एसपी गोयल पर लगाए गए एक आरोप के मामले में जिस तरह दीपक कुमार ने त्वरित कार्रवाई की, वह काबिले तारीफ है। लखनऊ में पुलिसिया करतूतों के हर मामले दबाने-छुपाने वाले राजधानी की साजिशों से उलट, दीपक कुमार ने इस मामले में आनन-फानन एफआईआर दर्ज करायी। जबकि आम आदमी की पीड़ाओं से जुड़ी बेहिसाब अर्जियां एसएसपी के रद्दी की टोकरी में पड़ी हुई हैं, और न जाने कितनी याचिकाएं पुलिस की करतूतों के खिलाफ अदालतों पर पहुंच चुकी हैं। इसके बावजूद दीपक कुमार ने प्रमुख सचिव के मामले को प्राथमिकता दी और आनन-फानन मुकदमा दर्ज कर लिया। इतना ही नहीं दीपक कुमार की पुलिस ने तकरीबन 10 घंटे तक शिकायतकर्ता अभिषेक गुप्ता को अपनी हिरासत में रखा और आखिरकार वही हुआ जिसकी आशंका थी। अभिषेक गुप्ता ने राज्यपाल को ईमेल पर जो शिकायत भेजी थी, दीपक कुमार में उसे क्षण भर में फिटकरी डालकर फाड़ दिया।

अधिवक्‍ता-जगत से जुड़ी खबरों को देखने के लिए कृपया निम्‍न लिंक पर क्लिक कीजिए:-

लर्नेड वकील साहब

आपको बता दें कि इस मामले को दर्ज करके दीपक कुमार ने वीडियो पर बाकायदा बयान दिया था कि शिकायतकर्ता अभिषेक गुप्‍ता को सूचना भेजी गई है कि वह हजरतगंज थाने पर पहुंचकर धारा 168 के तहत अपना बयान दर्ज करें, और पुलिस की जांच व पूछताछ में सहयोग करें। स्पष्ट है कि इस नोटिस के तहत अभिषेक गुप्ता को खुद ही थाने पर जाना था। मगर दीपक कुमार जी तो वाकई पुलिसिंग के दीपक निकले। अगले दिन सुबह अभिषेक गुप्ता ने अपने घर मीडिया को अपनी बात कहने के लिए आमंत्रित किया था लेकिन इसके पहले कि अभिषेक गुप्ता अपनी बात कह पाते, पुलिस ने उनके आवास पर दबिश डाल दी और अभिषेक को अपने साथ किसी अज्ञात स्थान की ओर ले गए। घंटों बाद अभिषेक को तो सामने नहीं लाया गया लेकिन उसका वीडियो पुलिस ने जारी किया जिसमें उसने सारे आरोपों को खारिज कर दिया था और कहा था कि वह मानसिक रुप से परेशान था। इसीलिए उसने ऐसी लिखत-पढ़त कर डाली। अभिषेक ने इस वीडियो में माफी भी मांगते हुए दिखाया है।

न्‍यायपालिका की खबरों को पढ़ने के लिए कृपया निम्‍न लिंक पर क्लिक कीजिएगा:-

जस्टिस और न्‍यायपालिका

Comments (1)Add Comment
...
written by Pk लोधी, June 10, 2018
बहुत सुंदर

Write comment

busy