Meri Bitiya

Thursday, Jun 21st

Last update12:38:55 PM GMT

मेरी बिटिया डॉट कॉम अगर आपको पसंद हो, आप इस पोर्टल के लिए सुझाव, समाचार, निर्देश, शिकायत वगैरह भेजने के इच्‍छुक हों तो meribitiyakhabar@gmail.com पर हम आपकी प्रतीक्षा कर रहे है.

Advertisement

खामोश मौत: सल्‍फास खा कर सो गया पूरा परिवार

: बस्‍ती में हुआ रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना, पूरे शहर में सनसनी : पति ने पत्नी और बच्चों संग खाया जहर, सभी की मौत : पुलिस का दावा कि कर्ज की बेहाली में हुआ यह दर्दनाक हादसा :

बीएन मिश्र

बस्‍ती: बस्‍ती शहर कोतवाली के भुवर निरंजनपुर में सोमवार की देर रात कर्ज में डूबे एक व्यक्ति ने पत्नी व दो बच्चों के साथ सल्फास खा लिया। हालत बिगड़ने पर पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस व एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। मृतक घी और बेसन का कारोबारी था। चारों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां शिवकुमार की पत्नी मीना जायसवाल (40) को मृत घोषित कर दिया गया। इलाज के दौरान शिवकुमार जायसवाल (45) और उसके बेटे आयुष उर्फ प्रांशु जायसवाल (17) ने भी दम तोड़ दिया। बड़ी बेटी मुस्कान जायसवाल (19) को गंभीर हालत में बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया गया था जहां शाम को उसने भी दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलते ही एसपी दिलीप कुमार, एएसपी पंकज, एसडीएम श्रीप्रकाश शुक्ला, सीओ सिटी आलोक कुमार सिंह, कोतवाल विजयेन्द्र सिंह के साथ फारेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। शिवकुमार के कमरे से सल्फास की तीन खाली शीशी बरामद हुई है। कोतवाल विजयेन्द्र सिंह ने अनुसार कि गोरखपुर रेफर होने से पहले मुस्कान ने बताया कि पिताजी ने बैंक से बीस लाख रुपए का कर्जा ले रखा था। इसे चुका पाने के कारण काफी परेशान थे। माना जा रहा है कि इसी कारण शिवकुमार ने खुद जहर खाने के साथ अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को भी जहर खाने को दे दिया। शिवकुमार मूलरूप से गोंडा नवाबगंज का रहने वाला था। खुले बाजार से घी और बेसन खरीद कर उसे डिब्बे में पैकर कर बाजार में सप्लाई करता था।

शहर के भुवर निरंजनपुर में किराए पर रहने वाले शिवकुमार जायसवाल के घर हुई घटना से पड़ोसी भी अवाक हैं। पड़ोसियों की मानें तो परिवार में कभी झगड़ा या विवाद की बात सामने नहीं आई और न ही ऐसी बात सोमवार की रात हुई। बल्कि सोमवार की शाम शिवकुमार की पत्नी मीना अपने घर के बाहर बैठकर अन्य महिलाओं से बातचीत कर रही थी और परिवारीजन सामान्य नजर आ रहे थे। हालांकि कुछ पड़ोसी यह भी कहते नजर आए कि शिवकुमार का परिवार मोहल्ले में किसी से खास मतलब नहीं रखता था। लिहाजा घर में क्या चल रहा है, इसकी जानकारी किसी को नहीं हो पाती थी।

शहर के भुवर निरंजनपुर के सबलू श्रीवास्तव के मकान में करीब आठ माह से शिवकुमार किराए पर रहता था। इससे पहले वह शहर के खोराखार व मड़वानगर में किराए पर था। मूलरूप से गोंडा नवाबगंज के रहने वाले शिवकुमार बेसन व घी की पैकिंग कर दुकानों पर सप्लाई का बिजनेस करता था। पड़ोसी प्रभाकर ने बताया कि सोमवार की रात करीब दो बजे शिवकुमार तेज-तेज से उनका दरवाजा खटखटाने लगा। दरवाजा खोला तो वह बेसुध दिखा। बोला हम लोगों को अस्पताल पहुंचा दो।

पड़ोसी प्रभाकर कमरे में पहुंचा और देखा तो अंदर सब तड़प रहे थे और पानी मांग रहे थे। कमरे में सल्फास की तीन शीशी पड़ी देख प्रभाकर ने सबसे पहले सूचना अन्य पड़ोसियों को देने के साथ 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। थोड़ी ही देर में कोतवाल विजयेन्द्र सिंह व चौकी प्रभारी गांधीनगर मीरा चौहान के साथ फोर्स मौके पर पहुंची और एम्बुलेंस से सभी को जिला अस्पताल भेजा।

जिला अस्पताल पहुंचने पर करीब तीन बजे शिवकुमार जायसवाल की पत्नी की मीना को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि शिवकुमार, उसके बेटे आयुष और बेटी मुस्कान का इलाज शुरू हुआ। थोड़ी देर बाद उन दोनों की भी सांसें भी थम गईं। गंभीर हालत में बेटी मुस्कान को बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां शाम तक जिन्दगी के लिए संघर्ष करने केे बाद आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना के बाद आला अफसरों के साथ फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। कमरे से सल्फास की शीशी व अन्य साक्ष्य एकत्र किया। शिवकुमार व उसके परिजनों को जिला अस्पताल भेजने के साथ ही पुलिस ने कमरे पर ताला लगा दिया। इधर एसपी दिलीप कुमार व अन्य आला अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों से मुस्कान की हालत की जानकारी ली।

पुलिस की प्रारंभिक छानबीन के अनुसार शिवकुमार जायसवाल चने के बेसन व घी की पैकिंग कर बेचने का काम करता था। उसने बैंक से बीस लाख रुपए का कर्ज ले रखा था। कर्ज चुकाने में नाकाम शिवकुमार काफी परेशान रहता था। इस बात से घर के लोग भी दुखी थी। यही वजह बनी कि पूरे परिवार ने एक साथ जहर खाकर जान देने का फैसला कर लिया।

शहर के भुवर निरंजनपुर में किराए पर रहने वाले शिवकुमार जायसवाल के घर हुई घटना से पड़ोसी भी अवाक हैं। पड़ोसियों की मानें तो परिवार में कभी झगड़ा या विवाद की बात सामने नहीं आई और न ही ऐसी बात सोमवार की रात हुई। बल्कि सोमवार की शाम शिवकुमार की पत्नी मीना अपने घर के बाहर बैठकर अन्य महिलाओं से बातचीत कर रही थी और परिवारीजन सामान्य नजर आ रहे थे। हालांकि कुछ पड़ोसी यह भी कहते नजर आए कि शिवकुमार का परिवार मोहल्ले में किसी से खास मतलब नहीं रखता था। लिहाजा घर में क्या चल रहा है, इसकी जानकारी किसी को नहीं हो पाती थी।

Comments (0)Add Comment

Write comment

busy