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कित्‍ती मासूम है यह बच्‍ची, इसे बेडि़यों में जकड़ दिया

: देवरिया रेलवे प्‍लेटफार्म पर लावारिस मिली थी यह बच्‍ची को पत्रकार प्रवीण यादव ने खोजा : मऊ के बुनकर अबरार की छह बेटियों में से पांचवीं है यह फरहीन : बाप ने ही पहनायी थी बेडि़यां :

गौरव कुशवाहा

देवरिया : पैरों में लोहे की जंजीरें जैसे मानो बचपन को कैद कर मासूमियत और वात्सल्य मोह का गला घोंटने की भरजोर कोशिश की गई हो।कुछ ऐसा ही हैं 9 साल की फरहीन का दर्द। जिसे पता तक नहीं कि उसके पैरों में लगी लोहे की जंजीरें कब से हैं और क्यों हैं! उसे बस इतना याद है कि उसके पिता ने ही खिलौनों किताबों की जगह उसके पैरों में लोहे की जंजीरे पहना दी। फरहीन को ये दर्द उसके अपने ही पिता से मिली हैं। मिली जानकारी के अनुसार उसे महज इसीलिए जंजीरों से जकड़ दिया गया कि वह बाहर ना जा सके,दूसरे बच्चों की तरह खेल न सके।

शनिवार की देर शाम देवरिया सदर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर लगभग 9 साल की फरहीन लावारिस अवस्था में आरपीएफ के कांस्टेबल को मिली। जिसकी तत्काल सूचना आरपीएफ इंस्पेक्टर अभय राय को दी गई।मासूम बच्ची के पैरों में लगी जंजीरें देख सभी अवाक रह गए।उस समय डरी सहमी फरहीन अपने या अपने परिवार के बारे में कुछ भी बता पाने में अक्षम दिख रही थी।उसके बाद आरपीएफ इंस्पेक्टर अभय राय ने बाल कल्याण समिति देवरिया को उक्त बच्ची के बारे में सूचित किया। देर रात को आरपीएफ ने फरहीन को बाल कल्याण समिति की सदस्य कनकलता द्विवेदी के आवास पर प्रस्तुत किया।जहाँ सुपुर्दगी की कार्यवाही की गई।कनकलता द्विवेदी ने सहमी फरहीन को अपनी बेटी समझ खूब दुलारा खाना खिलाया और अपने साथ ही रखा। कनकलता के पूछने पर उस मासूम बच्ची ने अपना नाम फरहीन और अपने परिवार के बारे ने बताया। बच्ची के अनुसार उसकी माता नूरजहाँ पिता अबरार अहमद साड़ी बुनाई का कार्य करते हैं। छः बहनो में फरहीन पांचवे नंबर की है।वह शनिवार सुबह घर से निकल गई और मऊ रेलवे स्टेशन पर किसी ट्रेन में चढ़ गई।और देवरिया सदर स्टेशन पर उतर गई। उसका घर मऊ जिले के डोमनपुरा स्थित फैजी गेट के पास हैं।साथ ही उसके पैरों में लगी जंजीर के बारे में फरहीन ने बताया कि उसे ये याद नही की ये जंजीरे उसके पैरों में कब से हैं। पर इतना जरूर पता है कि जंजीरे उसके पिता ने ही पहनाई थीं।

रविवार को देवरिया के स्थानीय पत्रकार प्रवीण कुमार यादव ने लोहे की जंजीर से बधि लावारिस अवस्था मे पाई गई बच्ची के बारे में एसपी रोहन पी कनय को अवगत कराया। इस मामले की गंभीरता देख एसपी रोहन पी कनय ने सीओ सदर राजाराम महिला थानाध्यक्ष शोभा सिंह और तरकुलवा थानाध्यक्ष शशांक शेखर रॉय को उक्त मामले की जांच के लिए भेजा। मौके पर पहुँच सीओ सिटी सदर ने मऊ पुलिस से फरहीन के बताये पते की जानकारी की।जिससे उसे जल्द से जल्द उसके घर पहुँचाया जा सके। पुलिस जांच में फरहीन के घरवालो ने बताया कि फरहीन कई बार घर से भाग चुकी है इसलिए उसके पैरों में जंजीरे लगा दी गई थी। वहीं बाल कल्याण समिति की सदस्य कनकलता द्विवेदी और प्रतिभा श्रीवास्तव ने अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए महिला हेल्प लाइन के द्वारा फरहीन को उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया हैं।

देवरिया बाल कल्याण समिति की सदस्य कनकलता द्विवेदी और प्रतिभा श्रीवास्तव के अथक प्रयासों की ही देन है कि फरहीन को महज 36 घण्टो के अंदर ही उसके परिजनों तक पहुँचा दिया गया।

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