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हमारे चैनल का क्‍या हुआ, पूछा था अखिलेश ने

: ब्रजेश मिश्र के तलाक के बाद अब तक इद्दत की मियाद खत्‍म हो गयी, तो नेशनल वायस का नया तलाक-नामा तैयार हो गया : गजब खेल है कि पता ही नहीं चल पाता कि किसने कितनी रकम का भुगतान किया, शर्तें भी खामोश : सवाल यह है कि अब बिजेंदर सिंह का अगला हाथ क्‍या होगा :

कुमार सौवीर

लखनऊ : एक भारी रकम अदा करने के बाद यह चैनल विजेंद्र के हाथ से निकलकर बृजेश मिश्रा के पास पहुंच गया। कामधाम अब धूमधाम से शुरू हुआ। अपनी स्टाइल वाले और सच बेचते नारे के साथ बृजेश की फोटो प्रदेश भर की सड़क से लेकर रेलवे स्टेशन बस अड्डा और एयरपोर्ट तक लग गई जिसमें बृजेश की फोटो के साथ आक्रामक का अंदाज नेशनल वायस के भोपू बने दिख रहे थे। लेकिन 3 महीने में ही बृजेश को पता चल गया कि उनके साथ धोखा हुआ। पता चला इस डील में बिजेंदर ने नेशनल वायस के नाम पर एक टोपा जैसा भोंपू थमा दिया है। पहली बार बृजेश को गच्चा मिला, और भारी रकम का धक्का बृजेश मिश्रा पर पड़ गया। इतना ही नहीं, ब्रजेश को यह भी पता चल गया कि अगर उन्होंने तत्काल इस डील को खारिज नहीं किया तो उनके कैरियर पर गहरा दाग पड़ जाएगा। जिसमें उनका भविष्य भी तबाह हो जाएगा।

यह समझते ही बृजेश ने नेशनल वॉइस से अपना पिंड छुड़ाया और एक नया चैनल शुरू कर दिया। नाम रखा भारत समाचार। गनीमत है कि प्रयोगधर्मी बृजेश मिश्रा फिलहाल इस नए भारत समाचार न्यूज़ चैनल की परफॉर्मेंस से संतुष्ट हैं। यह चैनल उनकी उम्मीदों पर फिलहाल ठीकठाक चल रहा है। लेकिन यह तो पता नहीं है कि इस नई डील का एक किस करवट बैठा था और उसने कितना भुगतान किसको किसने किया लेकिन यह तो तय हो ही गया कि विजेंदर सिंह को उनका यह चैनल वापस मिल गया।

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लेकिन अब साल भर बाद फिर संकट उठ गया है नेशनल वॉइस को लेकर। पता चला है कि विजेंद्र सिंह ने  यह चैनल किसी दूसरे को थमा दिया है और उससे उसके एवज में सारी रकम अदा हो गई। लेकिन यह रकम कितनी है पता नहीं चल पा रहा है। लेकिन इतना जरूर है कि इसमें लेनदेन भारी-भरकम हुआ है।

सूत्र बताते हैं यह डील समाजवादी पार्टी के एक बड़े नेता ने की है। यह नेता समाजवादी पार्टी की पिछली अखिलेश सरकार में दौरान ही राजनीति में जन्‍मा था,  और जाहिर है कि सपा में वह नवोदित नेता है। इसका श्रीचरण समाजवादी पार्टी में घुसा था इस नेता के पिता एक बड़े नौकरशाह बताये जाते हैं। जिनकी करीबी समाजवादी पार्टी के पूर्व मुखिया मुलायम सिंह यादव के साथ थी।

कहने की जरूरत नहीं जिन हालातों में नेशनल वॉइस का अंदाज यूपी की खबरें की टोन और उनके तेवर में बदलाव कैसा रखेगा। क्‍योंकि उसके नए खरीददार समाजवादी पार्टी के एक बड़े नेता हैं इसलिए इस चैनल की आवाज नेशनल वॉइस के बजाय समाजवादी वॉइस या बीजेपी-विरोधी वॉइस के तौर पर ज्यादा प्रभावी हो सकती है। एक सूत्र ने बताया कि इस नए चैनल की इस रिलांचिंग की रूपरेखा के पहले पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह ने एक कार्यक्रम में एक बार चर्चा भी करते हुए सवाल उठा दिया था कि हम लोगों का चैनल कब लांच होगा। ( क्रमश: )

किसी बड़े खेल के मैदान में दर्जनों खिलाडि़यों के बीच बार-बार पर लात खाने पर अभिशप्‍त हो चुका है यूपी का पहला न्‍यूज चैनल नेशनल वायस। खबरों की दुनिया में शायद इतनी बदतरीन किस्‍मत किसी भी चैनल की नहीं रही होगी, जितनी इस नेशनल वायस की हुई है। बार-बार निकाह, और फिर बार-बार मुताह। गजब छीछालेदर फैल रही है इस चैनल में।

यह श्रंखलाबद्ध रिपोर्ट है। इसकी बाकी कडि़यों को बांचने के लिए कृपया निम्‍न लिंक पर क्लिक कीजिएगा:-

नेशनल वायस चैनल का नया मुताह


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