Meri Bitiya

Friday, May 25th

Last update01:45:24 AM GMT

मेरी बिटिया डॉट कॉम अगर आपको पसंद हो, आप इस पोर्टल के लिए सुझाव, समाचार, निर्देश, शिकायत वगैरह भेजने के इच्‍छुक हों तो meribitiyakhabar@gmail.com पर हम आपकी प्रतीक्षा कर रहे है.

Advertisement

"नेशनल वायस" चैनल का नया भतार, शैली मुताह सी

: जन्‍म से पहले ही बेहद कुपोषित और शायद गुणसूत्र की गड़बड़ी से डगमगाता रहा है यह न्‍यूज चैनल : अब तक तीन बार बिक्री हो चुकी इस चैनल की, चटखारों में यह गंठबंधन मुताह की शैली में चलेगा क्‍या : पांच महीने के संबंध के बाद ब्रजेश मिश्र ने हाल ही इस चैनल को तलाक दिया था :

कुमार सौवीर

लखनऊ : अपने जन्म से ही बुरी तरह कुपोषित और गंभीर संक्रमणों में फंसे रहे नेशनल वायस नाम के न्‍यूज चैनल की हालत मुताह-निकाह तक सिमट गयी है। खबर है कि इस चैनल को अब फिर एक नया भरतार मिल गया है। खबर है इस बार नया निकाह पिछली सरकार में एक बड़े हाई-फाई नेता के घर हुआ है। वैसे यह तो पता नहीं चल पाया है कि इस नये चैनल ने निकाह के लिए कितना मैहर तय कुबूल किया है, लेकिन इतना जरूर है एक बड़ी मोटी डील जरूर हो गई है।

अब आप सुन लीजिए किस्सा। मेरठ से लेकर अपना झंडा उठाने वाले विजेंद्र सिंह ने अपने धंदे की शुरुआत एक मोबाइल फोन कंपनी से दी थी। साथ ही साथ विजेंद्र ने इलेक्ट्रॉनिक चैनल के लिए घर-घर कनेक्शन खींचने वाली कंपनी में भी हिस्सेदारी ली। दरअसल, यह पता चल गया था कि किसी दीगर धंधे से बेहतर धंधा तो न्‍यूज चैनल का होता है, जहां किसी दूसरे धंधे से ज्यादा पैसा तो उसे चैनलों के खबरों को बेचकर किया जा सकता है। ऐसे में बिजेंद्र सिंह ने एक नया चैनल लांच कर दिया और उसका नाम रखा नेशनल वायस।

शुरूआत में तो छह महीने तक तो यह चैनल ठीक-ठाक चलता रहा। लेकिन उसके बाद ही उसे पता चल गया उसका यह इस चैनल पर राहु-केतु की टेढी नजर है, और इसीलिए वह अपने जन्म से पहले यानी भ्रूण अवस्था से ही काफी कुपोषित था या फिर उसके डीएनए में ही कुछ गड़बड़ घुस गयी थी। सूत्र बताते हैं क‍ि जल्‍दी ही आर्थिक संकट बहुत खराब होने लगे। कर्मचारियों को वेतन भुगतान का भी गंभीर संकट आ गया। चैनल के दीगर खर्चे भी सुरसा की तरह भयावह मुंह खोलने लगे थे।

पत्रकारिता से जुड़ी खबरों को देखने के लिए निम्‍न लिंक पर क्लिक कीजिए:-

पत्रकार पत्रकारिता

इसी बीच ईटीवी लखनऊ में रहे संपादक बृजेश मिश्र ने अपनी नौकरी छोड़ दी थी। ब्रजेश लखनऊ छोड़ना नहीं चाहते थे और लखनऊ में कोई समुचित नौकरी की संभावनाएं लगातार सिकुड़ती जा रही थीं। ऐसे में ब्रजेश मिश्र ने तय किया था कि वह अब नौकरी नहीं करेंगे। लेकिन फिर क्या करेंगे, यह सवाल उन्हें परेशान कर रहा था। ऐसे में उन्होंने किया कि वह अपना खुद का चैनल शुरू करेंगे।

लेकिन यह योजना खासी दिक्कत तलब थी, झंझट भी बेहिसाब थे। सबसे बड़ी बात तो यह थी कि नया चैनल शुरू करने से मैं काफी समय लग सकता था। चुनाव सिर पर थे, और ब्रजेश की प्‍लानिंग चुनाव से ही पहले अपने को लांच कर देना था। ऐसे में बृजेश ने तय किया कि किसी गरजू को दबोचा जाए। सामने खड़े दिख गए विजेंदर सिंह जो पहले से ही अपना कटोरा लिए बैठे थे। बातचीत शुरू हुई, दोनों ही लोग इसमें भागीदारी पर सहमत हो गये। ( क्रमश: )

किसी बड़े खेल के मैदान में दर्जनों खिलाडि़यों के बीच बार-बार पर लात खाने पर अभिशप्‍त हो चुका है यूपी का पहला न्‍यूज चैनल नेशनल वायस। खबरों की दुनिया में शायद इतनी बदतरीन किस्‍मत किसी भी चैनल की नहीं रही होगी, जितनी इस नेशनल वायस की हुई है। बार-बार निकाह, और फिर बार-बार मुताह। गजब छीछालेदर फैल रही है इस चैनल में।

यह श्रंखलाबद्ध रिपोर्ट है। इसकी बाकी कडि़यों को बांचने के लिए कृपया निम्‍न लिंक पर क्लिक कीजिएगा:-

नेशनल वायस चैनल का नया मुताह

Comments (0)Add Comment

Write comment

busy