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आजम के बुरे दिन शुरू, नौकरी घोटाले में मुकदमा दर्ज

: यूपी जल निगम में 13 सौ पदों को अनियमित तरीके से भर्ती करने का आरोप, भारी घोटाले का आरोप : मामले में आजम खान और पूर्व एमडी पीके आसुदानी पर भी तलवार गिरी : अब तक सवा सौ इंजीनियरों को अनियमित भर्ती के आरोप में बर्खास्‍त कर चुकी है योगी सरकार :

कुमार सौवीर

लखनऊ : भाजपा के अच्‍छे दिन भले ही न आये हों, लेकिन समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के बुरे दिनों का आगाज हो गया है। अपने विरोधियों और खास तौर पर जयाप्रदा जैसी महिलाओं के खिलाफ मुंह से आग बरसाने में कुख्‍यात आजम खान के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज हो गया है। अखिलेश यादव की सपा-सरकार में जल निगम में 13 सौ लोगों को नौकरी देने के मामले में आजम खान और तब के एमडी पीके आसुदानी के विरूद्ध चल रही जांच पूरी होने जाने के बाद पुलिस ने यह मामला दर्ज किया है।

आजम ने इस खबर पर प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि अगर 13 सौ लोगों को नौकरी देना जुर्म है, तो वे अपना यह जुर्म कुबूल करते हुए जेल जाने को तैयार हैं। आजम खान का कहना है कि अदालतों के फैसले उनके पक्ष में हैं लेकिन राजनेताओं का फैसला उन जैसे लोगों को प्रताड़ित करने का है. उन्होंने कहा कि नौकरियां देने के जुर्म में अगर जेल जाना पड़ता है तो जाएंगे। उधर पुलिस का दावा है कि आजम और आसुदानी ने 13 सौ पदों के लिए बहुत बड़ा षडयंत्र किया और इसमें भारी घोटाला किया गया था।

आज जल निगम भर्ती घोटाले में सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान और तत्कालीन एमडी पीके आसुदानी के खिलाफ एसआईटी ने योगी सरकार को रिपोर्ट सौंप दी थी। कहने की जरूरत नहीं कि इससे  पूर्व मंत्री आजम खान की मुश्किलें बढ़ सकती है। रिपोर्ट में आजम खान के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई थी कि इस मामले में आजम खान और आसुदानी पर मुकदमा दर्ज कराने की अनुमति दी जाए। उसके बाद से ही आज शाम को ही सरकार के आदेश पर आजम खान व एमडी पीके आसुदानी पर उसी रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी हो गया।

इस मामले में अपना पक्ष जाहिर करते हुए आजम खान का कहना है कि अदालतों के फैसले उनके पक्ष में हैं लेकिन राजनेताओं का फैसला उन जैसे लोगों को प्रताड़ित करने का है। उन्होंने कहा कि नौकरियां देने के जुर्म में अगर जेल जाना पड़ता है तो जाएंगे। उनका कहना था उन्‍होंने बेरोजगारों को नौकरी दी है, और ऐसा करना कोई करप्शन का चार्ज नहीं है। आजम बोले कि न हमारे ऊपर और न उस वक़्त के किसी अधिकारी के ऊपर। लेकिन राजनेताओं का फैसला हमारे जैसे लोगों को प्रताड़ित करने का है। आज़म खान ने कहा कि नौकरियां देने के जुर्म में अगर जेल जाना पड़ता है तो जाएंगे।

गौरतलब है कि अखिलेश सरकार में आजम खान जल निगम विभाग के मंत्री थे. उस दौरान उनके विभाग में 1300 पदों पर भर्तियां हुई थीं। जानकारी के अनुसार, एसआइटी ने पूर्व कैबिनेट मंत्री व जल निगम के तत्कालीन एमडी पीके आसुदानी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अनुमति मांगी है. आजम खान अखिलेश सरकार में जल निगम के अध्यक्ष थे। अपनी रिपोर्ट में एसआईटी ने कहा है कि आजम के खिलाफ भ्रष्टाचार समेत कई आरोपों के पर्याप्त सबूत हैं. एसआईटी इंचार्ज आलोक प्रसाद ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अभियोग चलाने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। सरकार से अनुमति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले में 122 असिस्टेंट इंजीनियर को सरकार बर्खास्त कर चुकी है। इससे पहले 22 सितंबर को एसआईटी का जल निगम के हेडक्वार्टर्स पर छापा पड़ा था और 5 दिसंबर को तत्कालीन एमडी पीके आसुदानी से पूछताछ हुई थी। अब तक इस मामले में 8 अफसरों के बयान एसआईटी दर्ज कर चुकी है। इस घोटाले में सहायक अभियंता- 122, अवर अभियंता- 853, नैतिक लिपिक - 335, आशुलिपिक- 32 समेत 1300 पदों पर भर्तियां की गई थीं।  भर्ती के लिए वित्त विभाग से अनुमति भी नहीं ली गई थी। सरकार के बजाय जला निगम के चेयरमैन के स्तर पर ही भर्ती को मंजूरी दे दी गई थी. जांच में एसआईटी को भर्ती आदेश पर आजम खान के हस्ताक्षर मिले हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही कहा था कि अखिलेश के कार्यकाल में हुई हर सरकारी विभाग की भर्तियों की जांच कराएंगे। जल निगम में हुई भर्तियों की जांच बीते सितंबर महीने में एसआईटी को दी गई थी। इस मामले में अब तक पूर्व नगर विकास सचिव एसपी सिंह के बयान भी दर्ज हो चुके हैं। आईएएस एसपी सिंह अब रिटायर हो चुके हैं।

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