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सुप्रीम कोर्ट को ठेंगा दिखाते हुए सात बच्‍चों की मां को दिया तलाक-तलाक-तलाक

: बस्‍ती के हर्रेया वाले बरहपुर कुंवर गांव का यह हादसा पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन चुका : आइंदा इस तरह की नाइंसाफियों के खिलाफ जेहाद छेड़ना चाहती हें आशमां खातून : इस उम्र में इस बूढ़ी महिला को दर-दर भटकाने पर आमादा है उसका शौहर नसीम :

बीएन मिश्र

हर्रैया, बस्ती : उसके हाथ कांपते हैं, होंठ थरथराते हैं, आंखें साथ छोड़ती जा रही हैं, पास की नजर भी कमजोर हो चुकी है, गाल और चमड़ी तक गोश्‍त छोड़ने पर आमादा है। हाथ में अर्जी है, और आंखों में आंसू। लेकिन हौसला है अपने खिलाफ हुई ज्‍यादती का विरोध करना। वह चाहती है कि भले ही उसका वक्‍त पूरा होने को है, लेकिन आइंदा किसी बेबस औरत के साथ ऐसा कोई दर्दनाक मंजर न आये, जो इस महिला के सामने पेश आया है। इसलिए उसका अब यह हर कदम पूरे पुख्‍ता अंदाज में चल रहा है। मकसद सिर्फ यह कि इंसाफ दिलाओ। हर कीमत पर इंसाफ।

जी हां, बस्‍ती के हर्रेया थाने पर अपने बच्‍चों के साथ खड़ी इस 60 वर्षीया महिला यहां पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाने आयी है। मामला हर्रेया थाना अन्तर्गत बरहपुर कुंवर गांव का है। तलाक शुदा महिला के पास चार बेटे तथा तीन बेटियों का भरा पूरा परिवार था। लेकिन अब यहां केवल अंधेरा ही अंधेरा है। आरोप है कि कुनबे के परवरिश की दुहाई देते हुए जब पति से खेत बेचने से मना किया, तो नाराज हुए शौहर ने उसे तलाक नामा सौंप दिया।

दिये गये तहरीर में पीडित महिला आशमां खातून ने आरोप लगाया है कि उसका निकाह बरहपुर गांव निवासी मो0 नसीम के साथ हुआ था। दोनों पति पत्नी के रूप में रहते हुए दोनों से 10 बच्चे पैदा हुए। जिनमें से चार बेटे रज्जब अली, मो0 वसीम, गुलाम रसूल तथा अफजल तथा चार बेटियां हबीबा खातून तथा शहीदुन्निशा, अकीहरून्निशा जीवित है। हबीबा खातून की शादी हो गयी है जो बंबई में अपने शौहर के साथ रहती है। उसके चार बच्चे है वहीं बडे बेटे रज्जब का निकाह शकीला खातून के साथ हुआ है जिसके एक विटिया है। अभी भी दो वेटी तथा तीन बेटो की शादियां नहीं हुई है।

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बकौल आशमां खातून, शौहर ने अपनी पैतृक भूमि का दो बीघा पहले ही बेंच दिया। और अब जो दो बीघा जमीन बची है उसे भी बेचना चाहते है जिसको लेकर मेरे द्वारा विरोध किया गया तो उन्होंने मुझे तलाकनामा सौंपते हुए तलाक दे दिया। पीडित आशमां ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि अब इतने बडे कुनबे के गुजारा कैसे होगा। पीडिता ने पुलिस क्षेत्राधिकारी तथा थानाध्यक्ष को शिकायती पत्र देकर जमीन विक्रय को रोकवाने तथा भरण पोषण के खर्चे की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगायी है। फिलहाल 60 साल की उम्र में तलाक देने को लेकर हर प्रबुद्ध बर्ग आहत दिखायी दिया।

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