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नर्सिंगहोम कांड पर सोनभद्र के पत्रकार दो-फाड़

: कुछ पत्रकारों की निगाह में ममता कुलच्‍छनी है, तो कुछ विष्‍णु को घाघ खिलाड़ी : एक खेमा विष्‍णु गुप्‍ता की चमड़ी उधेड़ने पर आमादा, जबकि दूसरा ममता को बेनकाब कर रहा : कुछ भी हो, सोनभद्र में कन्‍या-भ्रूण हत्‍या के गिरोहों से अफसरों की गर्माती जेबों का खुलासा कर दिया :

कुमार सौवीर

लखनऊ : पत्रकारिता से जुड़े कुछ लोग तो ममता को कुलच्‍छनी करार देते हैं। ऐसे लोगों का आरोप है कि ममता अवैध बच्‍चा गिराने यानी गर्भपात करने ही नहीं, बल्कि कन्‍या-भ्रूण वाला गर्भ-समापन का धंधा करती है। उसका कई लोगों से करीबी रिश्‍ते हैं। लेकिन कुछ ऐसा नहीं मानते हैं। उनका विश्‍वास है कि ममता ऐसी नहीं है, और कुछ पत्रकारों की दलाली और उनके धंधेबाजी में अड़ंगा लगाने के चलते उन पत्रकारों ने उस पर चारित्रिक हमला शुरू कर दिया।

तीन दिन पहले ही ममता ने यहां साधना और टीवी-100 के एक पत्रकार विष्‍णु गुप्‍त पर बलात्‍कार, यौन-शोषण और उगाही-रंगदारी का मुकदमा दर्ज कराया है। इस मसले पर पत्रकार समुदाय दो-फाड़ हो चुका है। एक खेमा का कहना है कि यह दोनों ही घटियापन की सारी सीमाएं पार कर चुके थे। लेकिन जानकारों कहना है कि विष्‍णु ने ममता को अपने जाल में फंसाया था, उसे आर्थिक मदद भी करती थी, ताकि प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से आने वाले खतरों-संकटों को निपटाया जा सके। एक पत्रकार ने बताया कि पुलिस, प्रशासन और सीएमओ आफिस तक एक बड़ी मोटी रकम केवल ममता को ही नहीं, बल्कि सभी अस्‍पतालों द्वारा पहुंचाया जाती है।

सूत्र बताते हैं कि खबरों को लेकर पत्रकार विष्‍णु गुप्‍त और ममता मौर्या के रिश्‍ते शुरू हुए और फिर दैहिक-तापमान पर पहुंच गये। ममता के पास पैसा था, इसलिए विष्‍णु को उपकृत करना शुरू कर दिया। यह काफी दिनों तक चला। अचानक इन दोनों में बवाल शुरू हो गया। एक-दूसरे को देख लेने और निपट लेने की धमकियां धीरे-धीरे सड़क होते हुए सार्वजनिक समारोहों तक गूंजने लगीं।

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पत्रकार पत्रकारिता

बताते हैं कि विष्‍णु गुप्‍त आक्रामकता की सारी सीमाएं तोड़ने लगा, जबकि ममता मौर्या ने सरेआम कोई भी जवाब नहीं दिया। विष्‍णु गुप्‍ता इस अलगाव के बाद से ही पगला गया, और जहां-तहां उसने ममता को सरेआम गालियां देना शुरू कर दिया। सूत्र बताते हैं कि किसी भी समारोह में भले ही वहां ममता मौर्या हो अथवा न हो, विष्‍णुगुप्‍त अक्‍सर भद्दी-भद्दी गालियों से ही सम्‍बोधन करता था। कई बार तो उसने ममता के नर्सिंग होम के सामने की सड़क पर भी बवाल किया। धमकियां भी दीं कि वह उसे तबाह कर देगा।

ममता मौर्या ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करायी है कि साधना टीवी और टीवी-100 के पत्रकार विष्‍णु गुप्‍त ने उसे ब्‍लैकमेल कर उसके साथ यौन-शोषण किया और उसके यौन-शोषण की वीडियो भी बनायी है। जिसके बल पर वह अब उसे तबाह-बर्बाद कर डालने पर आमादा है।

कुछ भी हो, सोनभद्र में नर्सिंगहोम कांड को लेकर सोनभद्र के पत्रकार दो-फाड़ हो गये हैं। एक खेमा विष्‍णु गुप्‍ता की कलई और चमड़ी उधेड़ने पर आमादा है, जबकि दूसरा खेमा ममता को सरेआम नंगा करने की कवायद में जुटा है। स्‍थानीय पत्रकार गजेन्द्र गुप्ता ममता मौर्या का खुलासा करने वाली मुहिम में हैं। जाहिर है कि उनका यह अभियान विष्‍णु गुप्‍त को बचाना ही है। फेसबुक पर गजेंद्र गुप्‍ता ने मेरी एक खबर पर कमेंट दर्ज किया है कि:- अस्पताल संचालिका ने पत्रकार पर आरोप अस्पताल बंद होने के बाद लगाएं हैं और महिला की बातों में कितनी सच्चाई है उसे जानने वाले लोग जानतें हैं क्योंकि अस्पताल संचालिका महिला मोर्चा की अध्यक्ष भी रह चुकी है और उनके पति खुद एक अखबार के पत्रकार हैं।

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हर रस हैं सोनभद्र में

ऐसे में महिला का आरोप लगाना हास्यास्पद है क्योंकि अस्पताल संचालिका महिला जागरूकता अभियान चलाने वाली है। सोचने वाली बात है कि तहसील परिसर के बगल में बिना लाइसेंस के अस्पताल चल रहा है और भ्रुण हत्या का कारोबार भी चल रहा था और शासन प्रशासन को इसकी खबर नही थी या विभागीय मदद से ये अस्पताल चल रहा था। इस काम को कोई आम आदमी तो कर नहीं सकता ऊंचे पकड़ वाला ही अवैध धंधो को संचालित कर सकता है। और रही बात पत्रकार की तो पत्रकार को सबके साथ बैठना पड़ता है क्योंकि उसे विज्ञापन जो लेना है। विज्ञापन के चक्कर में पत्रकार की जिंदगी में अच्छे दिन गायब हो जातें हैं। अब तो न्यायपालिका ही न्याय करेगी कि कौन सच्चा है और कौन झूठा। मौजूदा समय में न्यायपालिका पीड़ितों के साथ खड़ी है और निडरता से सच्चाई को विजयी बना रही है। इस केस में न्यायपालिका सही फैसला ही सुनायेगी।

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