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हजारों अजन्‍मी कन्‍या-भ्रूणों का कत्‍ल कर चुकी है डॉ निर्मल चोपड़ा

: कन्‍या-भ्रूण के हत्‍यारे हैं आगरा के डॉक्‍टर और प्रशासन : चंद बरसों में अरबों का वारा-न्‍यारा कर देते हैं ऐसे भ्रूण-हत्‍यारे डॉक्‍टर : डॉक्‍टरों और प्रशासन की जानकारी में ही चलता है यह धंधा : डॉ निर्मल चोपड़ा, अभियान बेटी बचाने का, धंधा कन्‍याभ्रूण हत्‍या का :

कुमार सौवीर

आगरा : बेहद व्‍यस्‍त, हद दर्जे तक शालीन, अपने काम में माहिर और व्‍यवहार-कुशल भी है डॉक्‍टर निर्मल चोपड़ा। लेकिन यह गुण तो केवल उस सिक्‍के के एक पहलू का है। इसी सिक्‍के का दूसरा पहलू पहले पहलू के ठीक विपरीत। पहले पहलू को देख कर जहां आपके मन में डॉक्‍टर निर्मल के प्रति अगाध श्रद्धा का सागर हिलोरें लेने लगेगा, वहीं दूसरे पहलू को देखते ही आप चौंक पड़ेंगे। आपको यकीन ही नहीं आयेगा कि क्‍या कोई शख्‍स इतना नीच और पिशाच भी हो सकता है।

जी हां, सच तो यही है कि यह दोनों ही पहलुओं वाली शख्सियत की मालिकिन हैं डॉक्‍टर निर्मल चोपड़ा। एकदम पक्‍की चोट्टी, झूठी, बेईमान और नृशंस हत्‍यारी है आगरा वाली डॉक्‍टर निर्मल चोपड़ा। कहने को तो यह महिला आम आदमी को पीड़ा हरने के मूल और पवित्र पेशे से जुड़ी हुई है, लेकिन उसका असली धंधा पेट में पल रहे कन्‍या-भ्रूण को पहचान कर उन्‍हें कत्‍ल देने का अभियान छेड़ना ही है। इस डॉक्‍टर का असली धंधा दो दिन पहले ही राजस्‍थान के भरतपुर की पुलिस ने आगरा पुलिस के साथ एक संयुक्‍त कार्रवाई में डॉ निर्मल को दबोच लिया। इस कार्रवाई में डॉक्‍टर निर्मल चोपड़ा के तीन अन्‍य डॉक्‍टर और सक्रिय सहयोगी भी शामिल हैं।

आपको बता दें कि निर्मल चोपड़ा देश भर के डॉक्‍टरों के शीर्ष संगठन आईएमए यानी भारतीय चिकित्‍सा संघ के आगरा जिला चैप्‍टर की अध्‍यक्ष रह चुकी हैं। जिला स्‍तरीय इस संगठन में जिले के सैकड़ों डॉक्‍टर सदस्‍य हैं। डॉक्‍टर निर्मल चोपड़ा की पकड़ संगठन में बेहिसाब है। सूत्र बताते हैं कि डा. निर्मल चोपड़ा सन-08-09 के लिए आगरा आईएमए की अध्यक्ष चुनी गई थीं। लेकिन इस बीच उन्‍होंने संगठन पर अपना इतना जबर्दस्‍त दबदबा बना लिया कि आईएमए ने निर्मल चोपड़ा के कामकाज को बेहतर माना, और नतीजा यह हुआ कि संगठन ने सर्वसम्मति से उसको दूसरी बार भी मौका दे दिया।

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कन्‍या भ्रूण-परीक्षण

हैरत की बात है कि आईएमए ने डॉ निर्मल चोपड़ा को तब अपना दो-दो बार का अध्‍यक्ष चुना, जबकि उसके पहले ही डॉ चोपड़ा कन्‍या भ्रूण-परीक्षण के अवैध धंधे में दबोची गयी थीं। सन-07-08 में भी निर्मल पर कड़ी कार्रवाई हुई थी। एक छापामारी के बाद जिले के स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की जांच में इनके यहां अल्ट्रासाउंड मशीन पकड़ी थी। हैरत की बात तो यह थी कि उस दौरान यह मशीन मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारी के कार्यालय में पंजीकृत तक नहीं थी। लेकिन पूरे शहर में डॉ निर्मल के धंधे के डंके बज रहे थे। उस सेंटर पर सुबह से लेकर देर रात तक मरीजों की भारी भीड़ जमी रहती थी। उस छापे के बाद तत्कालीन सीएमओ ने निर्मल के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया था।

लेकिन अब जब डाक्टर निर्मल चोपड़ा को पुलिस ने रंगेहाथों दबोच कर उन समेत चार लोगों की गिरफ्तारी कर ली है, आईएमए के मौजूद अध्यक्ष डा. आरएस कपूर ने अपने सुर ही बदल लिये हैं। एक बयान में उन्‍होंने कहा कि इससे आईएमए की शाखा को भारी धक्का लगा है। उनका कहना है कि उनकी संस्था खुद ही लिंग भ्रूण जांच करने वालों के खिलाफ है। इतना ही नहीं, सघन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर बेटी बचाओ के लिए कार्य कर रही है। डॉ कपूर ने बताया कि डा. निर्मल चोपड़ा का आईएमए आगरा शाखा बहिष्कार कर दिया गया है। और जल्‍दी ही संगठन की जनरल मीटिंग बुलाकर यह प्रस्ताव भी रखा जाएगा।

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