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आज एक अजन्‍मी बेटी का कत्‍ल होगा। तैयारी पूरी, जल्‍लाद 12 बजे आयेगा। बचा पाओ तो बचा लो

: मतलब यह कि लिंग-परीक्षण और कन्‍या-भ्रूण हत्‍या का एक बड़ा केंद्र है जौनपुर : बिलकुल अभी-अभी यह डरावनी खबर मिली है मेरी बिटिया डॉट कॉम को : यह पहला मौका है, जब जौनपुर के लोग एकजुट होकर कलंक को धो सकते हैं :

कुमार सौवीर

लखनऊ : सवाल तो ढेरों हैं, लेकिन फिलहाल एक डरावनी तस्‍वीर देख लीजिए। एक पैशाचिक हत्‍या होने वाली है। जौनपुर में। यहां के 45 किलोमीटर दूर पतरहीं कस्‍बे में एक निजी अस्‍पताल में गर्भ में पल रही एक बच्‍ची की हत्‍या की तैयारी चल रही है। जच्‍चा यानी भ्रूण को अपनी कोख में पालने वाली महिला को इस अस्‍पताल में भर्ती करा लिया गया है। पक्‍की खबर है कि आज दोपहर 12 बजे से दोपहर एक बजे के बीच इस कन्‍या-भ्रूण को पेट में ही मार डालने के लिए जल्‍लाद आने वाला है।

उसके बाद सब खत्‍म हो जाएगा। एक अजन्‍मी बच्‍ची अपने इतिहास को देखने के पहले ही इतिहास बन जाएगी। पूरी नृशंसता के साथ उसके टुकड़े-टुकड़े बिखेर कर उसे किसी कूड़ेघर या सड़क के किनारे चील-कुत्‍तों के सामने फेंक डाल दिये जाएंगे। इसके साथ ही पूरा हमारा समाज, हमारा प्रशासन, हमारी नैतिकता, हमारे अफसर, हमारी पुलिस, हमारे सामाजिक पहरूआ, हमारे वकील, हमारे पत्रकार, हमारे सामाजिक संगठन, और हमारा कानून चिंदी-चिंदी हो कर बेमानी बन चुक होगा।

खबर यह है कि एक महिला को गर्भ है। उसके परिवारीजन उस महिला को एक अल्‍ट्रासाउंड सेंटर ले गये। महिला के पेट में पल रहे भ्रूण-परीक्षण के लिए। केवल यह जांचने के लिए कि उस महिला के पेट में पल रह भ्रूण नर है या फिर मादा। परीक्षण के बाद पता चला कि यह भ्रूण कन्‍या का है। वे लोग अब तक उस महिला के पेट में पलती बच्‍ची को लेकर नहीं, बल्कि उस परिवार के लोग तो लड़के की प्रतीक्षा में थे, जो कमाये, खिलाये, सेवा करे, बहू लाये, सेवा करे, संतान पैदा करे और वंश बढ़ाये। लेकिन पेट में बच्‍ची की मौजूदगी खबर ने उनके सपनों को ही ध्‍वस्‍त कर दिया।

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हर सू जौनपुर

घर में फैसला यह हुआ कि इस कन्‍या-भ्रूण को खत्‍म कर दिया जाए। परिवार के लोगों ने पतरहीं स्थित लक्ष्‍मी हॉस्पिटल के संचालक से बातचीत की। यह अस्‍पताल के संचाल‍क हैं स्‍थानीय दबंग भोला सिंह यादव। दस बिस्‍तरों का अस्‍पताल है भोला यादव का। भोला यादव से बात तयतोड़ के बाद फाइनल कर दी गयी। पैसा जमा हुआ, और उस महिला को अस्‍पताल में भर्ती करा दिया गया।

यह कल दोपहर की घटना है।

यह स्‍थानीय मेडिकल स्‍टोर के एक कर्मचारी ने बताया कि इस बच्‍ची-भ्रूण को हमेशा-हमेशा के लिए खत्‍म करने की तैयारियां आज सुबह से ही चल रही हैं। इस बारे में आवश्‍यक दवाएं मंगवा ली गयी हैं। एक जल्‍लाद नुमा डॉक्‍टर से भी बात हो चुकी है, और अब वह 12 बजे से दोपहर एक बजे तक इस कन्‍या-भ्रूण का काम-तमाम कर देगा। हालांकि यह नहीं पता चला कि यह जल्‍लाद कुशल होगा भी या नहीं, कहीं ऐसा न हो कि इस गर्भपात के दौरान जच्‍चा के गर्भाशय को भयावह चोट पहुंच जाए।

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लेकिन आप सब लोग अगर चाहें तो इस बच्‍ची को बचा सकते हैं। यह बच्‍ची भ्रूण के रूप में अपनी मां के गर्भाशय में है। आप चाहें तो हस्‍तक्षेप कर उसकी जिन्‍दगी को जिन्‍दगी दिला सकते हैं। उसका दिल धड़क रहा है। आप चाहें तो उसका दिल की धड़कनें अगले सौ साल तक धड़कती ही रह सकती है। वह खिलखिलाहट की स्‍तर तक सूरज देखने की प्रतीक्षा कर सकती है।

आप अगर चाहते हैं कि यह दुनिया में इस बच्‍ची की किलकारियां गूंजें, तो आप अपने-अपने स्‍तर पर इस हत्‍याकांड के खिलाफ अपना आक्रोश व्‍यक्‍त कर सकते हैं। इसके लिए आप सीधे अपने जिलाधिकारी से बात कर सकते हैं, सीधे फोन कीजिए डीएम को। एसपी को बताइये कि यह हत्‍या होने वाली है। मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारी को चेतावनी दीजिए कि वे इस भ्रूण हत्‍या को तत्‍काल रोकना सुनिश्चित करें। स्‍थानीय थाना और एसडीएम को फोन कर या उनसे सीधे बात कर खबर दे सकते हैं और इस बच्‍ची की जान बचा सकते हैं।

वाट्सऐप और मोबाइल की सेवाओं का भी इस्‍तेमाल इस पुण्‍य कर्म के लिए कर सकते हैं आप। आप चाहें तो सोशल साइट्स मतलब फेसबुक और गूगल-प्‍लस पर भी इस पर अभियान छेड़ सकते हैं। खबर के इस लिंक को अधिकतम शेयर कीजिए और अपने मित्रों से भी जोर देकर कहिये कि वे उसे शेयर करें। इस हादसे के खिलाफ एक जबर्दस्‍त अभियान छेड़ने का हिस्‍सा बनें।

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धन्‍वन्‍तरि डॉक्‍टर ! इस बच्‍ची को बचा लो

आप चाहें तो आईएएम यानी डॉक्‍टरों की स्‍थानीय यूनियन से भी सम्‍पर्क कर सकते हैं।

जन प्रतिनिधियों से मिल कर या उन्‍हें फोन कर बता सकते हैं कि जिस क्षेत्र के वे नेता हैं, वहां उनका एक सदस्‍य आज चंद घंटों बाद मौत के घाट उतार दिया जाएगा।

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