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ओझा-सोखा के चक्कर में दो बेटियों से हाथ धो बैठा बाप

ओझा-सोखा के चक्कर में दो बेटियों से हाथ धो बैठा बाप

:डॉक्टर के बजाय तांत्रिक से कराते रहे झाड़.फूंक: नाराज ग्रामीणों ने तांत्रिक को जमकर धुना:

ओझा-सोखा से इलाज कराने के चक्कर में कन्नौज के नसिरापुर गांव में दो मासूम बच्चियों की मौत हो गयी। मामला केवल अंधिविश्वास का है। अगर परिजन बालिकाओं को पेट दर्द होने पर तांत्रिक की बजाए डाक्टर के पास ले जाते तो शायद उनकी जान बच जाती।

पूरे गांव के लोगों का मानना था कि मंत्रों के बल पर तांत्रिक ने दो बालिकाओं की जान ले ली। जानकार बताते हैं कि उन बच्चियों की हालत ज्यादा खराब नहीं थी। लेकिन तांत्रिक से इलाज कराने के चलते उनकी हालत बिगडी और उन दोनों ने तडप-तडप कर दम तोड दिया। यही कारण था कि पूरे गांव वाले तांत्रिक पर उन्हें दोबारा जिंदा करने का दबाव बना रहे थे।

शुक्रवार शाम नसिरापुर निवासी दलित अमर सिंह दोहरे की बड़ी पुत्री नीलम की तबियत खराब हुई तो वह उसे चिकित्सक के यहां ले जाने की बजाय महादेवी घाट पर रहने वाले झाड़फूंक करने वाले एक तांत्रिक के पास ले गया था। अमर सिंह का कहना था कि उसके बाद नीलम की तबियत में कुछ सुधार हुआ था। तभी उसके घर से सूचना दी गई कि उसकी छह वर्षीय दूसरी पुत्री दुर्गा की तबियत भी खराब हो गई है। उन दोनों की मौत होने के बाद गांव वाले तांत्रिकों से झाड़फूंक कराते रहे। उन्हें यह विश्वास था कि तंत्र.मंत्र से बालिकाएं ठीक हो जाएंगीए लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गांववालों ने अपना गुस्सा गांव के तांत्रिक राजकुमार पर उतारा। गुस्साई भीड़ तांत्रिक राजकुमार के घर घुस गई और उसे पकड़ लाई। ग्रामीण पुलिस को शव उठाने का विरोध कर रहे थे।

 

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